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ट्रेन में खोया मोबाइल? अब RPF और CEIR से पाएं तुरंत फोन वापसी की उम्मीद

By: संवाददाता । विराट वसुंधरा

On: Wednesday, January 21, 2026 6:07 PM

ट्रेन में खोया मोबाइल? अब RPF और CEIR से पाएं तुरंत फोन वापसी की उम्मीद
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🕒 Updated: 23 Jan 2026, 09:33 AM

रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अगर आपका मोबाइल फोन ट्रेन में या स्टेशन पर खो जाता है या चोरी हो जाता है तो अब उसे वापस पाने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने टेलीकॉम विभाग के साथ मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। अब आरपीएफ सीधे टेलीकॉम विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल से जुड़ गया है। यह एक डिजिटल सिस्टम है जिसमें मोबाइल फोन का IMEI नंबर ब्लॉक किया जा सकता है। IMEI नंबर ब्लॉक होने के बाद मोबाइल फोन इस्तेमाल के लायक नहीं रहता और उसे ट्रैक भी किया जा सकता है। इससे मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है और यात्रियों को उनकी गुम हुई चीज़ें वापस मिलने में आसानी होगी।

इस नई तकनीक का सफल परीक्षण पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में किया गया था और अब इसे पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लागू कर दिया गया है। आरपीएफ के महानिदेशक मनोज यादव ने बताया कि यह साझेदारी रेलवे सुरक्षा के लिए एक बड़ा बदलाव है। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से मोबाइल चोरी के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को भरोसा मिलेगा कि उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी। अब अगर कोई मोबाइल फोन खोता है या चोरी हो जाता है तो उसकी शिकायत रेल मदद पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवाई जा सकती है या फिर 139 नंबर पर कॉल करके भी शिकायत की जा सकती है। शिकायत दर्ज होने के बाद आरपीएफ के साइबर सेल की टीम तुरंत उस मोबाइल का IMEI नंबर CEIR पोर्टल पर ब्लॉक कर देती है। इसके बाद अगर चोरी हुआ मोबाइल नए सिम के साथ नेटवर्क में एक्टिव होता है तो सिस्टम को सूचना मिल जाती है।

आरपीएफ ने पहले से ही ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों की खोई हुई चीजों को वापस करने में बेहतर काम किया है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरपीएफ ने 1.15 लाख से ज्यादा यात्रियों को 84 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के खोए सामान लौटाए हैं। CEIR पोर्टल के जुड़ने से मोबाइल फोन की रिकवरी और भी तेज और प्रभावी होने की संभावना है। अब चोरी या खोए मोबाइल को ब्लॉक करने के बाद जब भी वह नया सिम लगाकर चालू होगा तो व्यक्ति को नजदीकी आरपीएफ चौकी पर फोन जमा करना होगा। इसके बाद असली मालिक अपना फोन पहचान दस्तावेज दिखाकर वापस ले सकता है। अगर कोई मोबाइल वापसी में सहयोग नहीं करता तो एफआईआर दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया जाता है। फोन वापस मिलने के बाद मालिक CEIR पोर्टल के जरिए IMEI नंबर अनब्लॉक करने का भी अनुरोध कर सकता है।

मई 2024 में शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे देशभर में लागू कर दिया गया है। अब किसी भी ट्रेन या स्टेशन पर मोबाइल खोने या चोरी होने पर यात्रियों को जल्द से जल्द मदद मिल सकेगी। आरपीएफ और टेलीकॉम विभाग की यह पहल मोबाइल चोरी पर लगाम लगाने के साथ-साथ यात्रियों को उनके मोबाइल वापस दिलाने में एक बड़ा बदलाव साबित होगी। यह तकनीक यात्रियों के लिए एक भरोसेमंद और पारदर्शी तरीका लेकर आई है, जिससे उनका मोबाइल फोन सुरक्षित रह सकेगा और खो जाने की स्थिति में रिकवरी की उम्मीद बढ़ेगी। यात्रियों को चाहिए कि वे अपना मोबाइल खोने की स्थिति में तुरंत रेल मदद पोर्टल या 139 नंबर पर शिकायत करें ताकि उनके मोबाइल की खोज में आरपीएफ तेजी से कदम उठा सके।

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