Mauganj MP:स्थानांतरण के बाद भी शाहपुर थाने से नहीं छूट रहा पूर्व थाना प्रभारी का मोह!
मऊगंज।शाहपुर थाना इन दिनों अपने पूर्व थाना प्रभारी अजय खोबरागड़े को लेकर चर्चाओं में है। सूत्रों के अनुसार उनका स्थानांतरण पुलिस लाइन हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उनकी शाहपुर थाने में लगातार मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस विभाग में सामान्यतः स्थानांतरण के बाद अधिकारी अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालते हैं, ऐसे में पूर्व थाना प्रभारी की थाने में लगातार उपस्थिति लोगों के बीच जिज्ञासा का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी रहते जो व्यवस्था और संपर्क तंत्र विकसित हुआ था, संभवतः उसी के कारण उनका क्षेत्र से जुड़ाव अब भी बना हुआ है।
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि शाहपुर थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब, गांजा और नशीले पदार्थों का कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा है। विशेष रूप से बरांव ग्राम पंचायत में खुलेआम अवैध गतिविधियां संचालित हैं। शाहपुर थाना क्षेत्र का एक नामी शराब माफिया समूचे क्षेत्र में रीवा आइजी और मऊगंज पुलिस अधीक्षक के द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को चुनौती देते हुए समूचे क्षेत्र में शराब गांजा और कोरेक्स की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है ऐसी जन चर्चा है की उक्त शराब माफिया को जिला के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का संरक्षण रहा है उक्त अधिकारी को माफियाओं द्वारा प्रदत्त लग्जरी वाहन भी चढ़ने के आरोप लगे थे लेकिन ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद लोगों को उम्मीद थी की व्यवस्था में भी बदलाव दिखेगा लेकिन अब तक ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है लोगों का मानना है की शाहपुर थाना प्रभारी रहे अजय खोबरागड़े भी उस भ्रष्ट सिस्टम के हिस्सेदार रहे इसीलिए शाहपुर थाना क्षेत्र से उनका मोह अभी तक नहीं छूट रहा है स्थानांतरण के बाद भी अंगंद के पैर की तरह कुर्सी पर बने हुए हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई होगी, लेकिन अभी तक अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पूर्व थाना प्रभारी की लगातार मौजूदगी को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि शाहपुर में लंबे समय तक पदस्थ रहने के कारण पूर्व थाना प्रभारी के सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक संपर्क रहे हैं। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का सबसे बड़ा विषय यही है कि स्थानांतरण के बाद भी पूर्व थाना प्रभारी अजय खोबरागड़े का शाहपुर थाना और क्षेत्र से जुड़ाव आखिर किन कारणों से बना हुआ है।





