Mauganj MP:गांधी -नंदी प्रतिमा क्षतिग्रस्त मचा बवाल, पूर्व विधायक ने दी चेतावनी 48 घंटे में कार्यवाही नहीं तो होगा आंदोलन!
मऊगंज: जयंती से पूर्व हनुमना में गांधी व नंदी प्रतिमा क्षतिग्रस्त | पूर्व विधायक ने थाने में दर्ज कराई शिकायत | 48 घंटे में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
मऊगंज ।जिले के हनुमना से एक गंभीर मामला सामने आया है। आगामी 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती आयोजित होनी है, लेकिन उससे ठीक पहले हनुमना स्थित गांधी पार्क में स्थापित बापू की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। केवल इतना ही नहीं, परिसर के समीप स्थित मंदिर में विराजी नंदी जी की प्रतिमा को भी नुकसान पहुँचाया गया है। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुँचे और थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
मऊगंज का हनुमना कस्बा… जहाँ प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर के अवसर पर कांग्रेस जन एकत्र होकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते आए हैं। लेकिन इस बार जयंती आयोजन से ठीक पहले अवांछनीय तत्वों ने गांधी पार्क में स्थापित प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। दुस्साहस का यह मामला केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहा; परिसर से कुछ ही दूरी पर स्थित शिव मंदिर में स्थापित नंदी महाराज की प्रतिमा को भी निशाना बनाकर क्षति पहुँचाई गई। एक ही क्षेत्र में दो स्थानों पर हुई इस घटना से स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक गलियारों में गहरी चिंता व्याप्त हो गई है।
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना दलबल के साथ गांधी पार्क पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके उपरांत वे कार्यकर्ताओं के साथ हनुमना पुलिस थाने पहुँचे, जहाँ अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर अवांछनीय तत्वों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कदम उठाने की माँग की।
वही पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कहा है कि गांधी जी थे, गांधी जी हैं और गांधी जी रहेंगे। हम उनकी प्रतिमा फिर से स्थापित करेंगे। 48 घंटे के भीतर यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सचि पाठक ने निष्पक्ष जाँच और शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर सुराग जुटाने में लगी है। हालांकि, मऊगंज क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चोरी, लूट और हत्या जैसी आपराधिक घटनाओं में हुई वृद्धि को लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति पहले से ही असंतोष देखने को मिल रहा है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के मामले में यह घटना पुलिस प्रशासन की साख के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गई है।





