Mauganj MP:दशहरा उत्सव के आमंत्रण पत्र पर सियासी सवाल, सांसद और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का नाम गायब!
नए कलेक्टर के पदभार संभालने के बाद जिला स्तरीय आयोजन के कार्ड को लेकर चर्चा तेज, भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम भी शामिल नहीं
मऊगंज। जिला मुख्यालय मऊगंज में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय दशहरा उत्सव के आमंत्रण पत्र को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। 20 अक्टूबर को सिंचाई विभाग कॉलोनी मैदान में होने वाले आयोजन के आमंत्रण पत्र में क्षेत्र के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें रीवा-मऊगंज सांसद जनार्दन मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं देवतालाब विधायक गिरीश गौतम और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा के नाम शामिल हैं।
आमंत्रण पत्र सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि जिला स्तरीय सार्वजनिक आयोजन के लिए अतिथियों की सूची तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल और स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व का किस स्तर पर ध्यान रखा गया।
विधायक प्रदीप पटेल मुख्य अतिथि, कलेक्टर और एसपी विशिष्ट अतिथि
नगर परिषद मऊगंज के सौजन्य से जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल को मुख्य अतिथि बनाया गया है। वहीं कलेक्टर राजेश कुमार ओंगरे और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। नगर परिषद अध्यक्ष बृजबासी पटेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
हालांकि, इसी आमंत्रण पत्र में जिले और क्षेत्र के कुछ प्रमुख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तथा भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी का नाम नहीं होने से अब आयोजन की अतिथि सूची चर्चा का विषय बन गई है।
सांसद और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का नाम नहीं
आमंत्रण पत्र में रीवा-मऊगंज सांसद जनार्दन मिश्रा का नाम नहीं है। इसी तरह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं देवतालाब के वरिष्ठ विधायक गिरीश गौतम और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा का नाम भी आमंत्रण पत्र में दिखाई नहीं देता।
जिला स्तरीय आयोजन में इन नेताओं के नाम शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इसे जानबूझकर की गई उपेक्षा मानना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि नामों के चयन को लेकर प्रशासन या नगर परिषद की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
नए कलेक्टर के आने के बाद पहला बड़ा आयोजन, प्रोटोकॉल पर नजर
कलेक्टर राजेश कुमार ओंगरे के पदभार संभालने के बाद यह जिला स्तर का प्रमुख सार्वजनिक आयोजन है। ऐसे में आमंत्रण पत्र में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
खास तौर पर तब, जब आयोजन जिला मुख्यालय पर हो रहा हो और जिले के प्रमुख राजनीतिक एवं निर्वाचित प्रतिनिधियों की मौजूदगी से कार्यक्रम का स्वरूप और व्यापक हो सकता था।
वहीं, कलेक्टर के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर प्रसारित कार्यक्रम संबंधी जानकारी में भी इन वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल नहीं होने की बात सामने आई है। इससे सवाल और गहरा गया है कि अतिथि सूची किस आधार पर तैयार की गई।
क्या प्रोटोकॉल का पालन हुआ?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिला स्तरीय सरकारी आयोजन में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल और प्रशासनिक परंपराओं का पालन किस तरह किया गया?
हालांकि, आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने के पीछे प्रशासनिक या आयोजन संबंधी कोई अन्य कारण भी हो सकता है। इसलिए इसे सीधे तौर पर किसी नेता की उपेक्षा या राजनीतिक निर्णय करार देना उचित नहीं होगा। इस पूरे मामले में प्रशासन और नगर परिषद का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शाम 5 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
दशहरा उत्सव के कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे झांकियों का आगमन, शाम 6 बजे अतिथियों का स्वागत, शाम 7 बजे हनुमान लीला एवं पुरस्कार वितरण और रात 9:15 बजे रावण दहन किया जाएगा। कार्यक्रम सिंचाई विभाग कॉलोनी मैदान में आयोजित होगा।
अब निगाह इस बात पर है कि आमंत्रण पत्र में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने को लेकर उठे सवालों पर मऊगंज प्रशासन और नगर परिषद क्या स्पष्टीकरण देते हैं।





