Sahdol MP:ड्यूटी के दौरान मुर्गी व्यापारी की पिकअप रुकवाकर 4 मुर्गियां लेने का आरोप, ASI दीपक सिंह परिहार सस्पेंड!
मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ कैंप में सुरक्षा ड्यूटी पर था पुलिसकर्मी, व्यापारी के विरोध के बाद कर्मचारियों से बदसलूकी का भी आरोप
शहडोल। जिले में पुलिस की वर्दी और ड्यूटी की जिम्मेदारी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ कैंप में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात एएसआई दीपक सिंह परिहार पर ड्यूटी के दौरान एक मुर्गी व्यापारी की पिकअप रोककर कथित तौर पर चार मुर्गियां जबरन लेने और विरोध करने पर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने एएसआई को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है।
पिकअप रोककर मुर्गियां लेने का आरोप
बताया जा रहा है कि एएसआई दीपक सिंह परिहार अभियान कैंप में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान कथित तौर पर उन्होंने मुर्गी व्यापारी की पिकअप को रोका। आरोप है कि वाहन से चार मुर्गियां जबरन ले ली गईं।
मुर्गी व्यापारी और उसके साथ मौजूद कर्मचारियों द्वारा इसका विरोध किए जाने पर पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार और बदसलूकी की गई। घटना की शिकायत और सामने आई जानकारी के बाद पुलिस विभाग में मामला गंभीरता से लिया गया।
सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी पर उठे सवाल
मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि संबंधित एएसआई को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े जन विश्वास अभियान कैंप की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था। ऐसे में ड्यूटी के दौरान एक व्यापारी के साथ इस तरह के कथित व्यवहार ने पुलिस की कार्यप्रणाली और आचरण को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिसकर्मी पर लगे आरोपों को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और एएसआई दीपक सिंह परिहार को निलंबित कर दिया।
वर्दी की जिम्मेदारी पर सवाल, विभाग ने लिया एक्शन
पुलिस की वर्दी आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान किसी व्यापारी से कथित तौर पर जबरन सामान लेने और विरोध करने पर बदसलूकी के आरोप सामने आना विभाग के लिए भी गंभीर विषय है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम के सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण विभागीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा। फिलहाल निलंबन की कार्रवाई से साफ है कि पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा
घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी इसकी चर्चा है। अब निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं कि घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ और एएसआई पर लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से जुड़े इस मामले में विभागीय जांच के बाद आगे क्या कार्रवाई होती है।




