Rewa news:8 दरिंदों को उम्रकैद,अर्थदंड से पीड़िता को मिलेगी 16 लाख की आर्थिक सहायता,वारदात के 133वें दिन सजा!

Rewa news:8 दरिंदों को उम्रकैद,अर्थदंड से पीड़िता को मिलेगी 16 लाख की आर्थिक सहायता,वारदात के 133वें दिन सजा!
चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
यह है पूरा मामला
38 दिन में जांच, 95 दिन में सुनवाई पूरी
रीवा. गुढ़ गैंगरेप के 8 दरिंदों को न्यायालय ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिससे पीड़िता को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
गुढ़ थाना क्षेत्र की पहाड़ी पर महिला से गैंगरेप के मामले में यह ऐतिहासिक फैसला घटना से 133वें दिन चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश पदमा जाटव ने सुनाया है। आरोपियों ने पति को बंधक बनाकर पत्नी के साथ गैंगरेप किया था। प्रकरण को सुनवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसमें अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक एड. विकास द्विवेदी ने की। न्यायालय में 24 साक्षियों के कथन कराए गए। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। कोर्ट ने साक्षियों के कथन और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों पर अपराध सिद्ध पाया। प्रत्येक दोषी पर 2.30 लाख रुपए और एक पर 2.31 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि से पीड़िता को 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आदेश कोर्ट ने जारी किया है।
ये हैं आरोपी, पांच ने किया था बलात्कार
इस घटना में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें 5 ने महिला के साथ बलात्कार किया था। आरोपियों में रामजी उर्फ रामकिसी कोरी पिता रामकुमार कोरी, रावेश गुप्ता पिता रामावतार गुप्ता निवासी वार्ड 8 गुढ़, गरुण कोरी पिता रामदरस कोरी, लवकुश कोरी पिता बिहारीलाल कोरी निवासी जोरौट थाना नईगढ़ी, राजेंद्र कोरी पिता शिवचरण कोरी व दीपक कोरी पिता शिवचरण कोरी निवासी गुढ़, सुशील कोरी पिता गजाधर कोरी निवासी खुखड़ा थाना रामपुर बघेलान जिला सतना, रजनीश कोरी पिता रामभान कोरी शामिल हैं।
21 अक्टूबर 2024 को पीड़िता अपने पति के साथ गुढ़ थाना क्षेत्र की पहाड़ी पर घूमने गई थी। वहां आरोपी शराबखोरी करने के बाद नहा रहे थे। दोनों लोग ऊपर पहाड़ी पर फोटो खिंचवाने लगे, तभी आरोपी उन पर टूट पड़े। पहले तो पति के साथ जमकर मारपीट की और उसको दूसरी ओर ले जाकर बांध दिया। बाद में महिला के साथ 5 आरोपियों ने बारी-बारी से बलात्कार किया। मारपीट में पति को काफी चोट आई थी। 22 अक्टूबर को दंपती घटना की शिकायत दर्ज करवाने थाने पहुंचा था। मामले में आरोपी गरुण कोरी वीडियो बना रहा था और खुद को मीडिया प्रभारी बता रहा था, जिस पर न्यायालय ने ज्यादा अर्थदंड लगाया है।
सनसनीखेज मामले को पुलिस ने चिह्नित अपराधों में शामिल किया था। 21 अक्टूबर को घटना हुई थी और करीब 38 दिन के अंदर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच पूरी की। 30 नवम्बर को चालान सुनवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था। 12 दिसम्बर को प्रकरण सुनवाई के लिए चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय में पहुंचा। 19 दिसम्बर को अभियोजन ने आरोप तय किए और 8 जनवरी को साक्ष्य सूची पेश की गई। 16 जनवरी से साक्षियों की गवाही न्यायालय में शुरू हुई। करीब दो माह में 24 साक्षियों की गवाही हुई और उसके बाद न्यायालय ने लगभग 81 दिन में पूरे प्रकरण की सुनवाई कर फैसला सुना दिया।