Jabalpur news:शिक्षाकर्मी घोटाले में आरोपितों को सजा, फिर भी पात्रों को नहीं मिली नियुक्ति,हाईकोर्ट ने रीवा कलेक्टर को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के दिए निर्देश!

Jabalpur news:शिक्षाकर्मी घोटाले में आरोपितों को सजा, फिर भी पात्रों को नहीं मिली नियुक्ति,हाईकोर्ट ने रीवा कलेक्टर को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के दिए निर्देश!

 

 

 

 

 

जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट में एक याचिका के जरिए जानकारी दी गई कि शिक्षाकर्मी घोटाले के आरोपितों को लोकायुक्त की विशेष अदालत सेे सजा हो चुकी है किंतु पात्रों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली।

जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल बेंच ने इस सिलसिले में कलेक्टर, रीवा को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई सात अप्रेल वाले सप्ताह में नियत की गई। याचिकाकर्ता धनेश कुमार द्विवेदी, ग्राम चौर, तहसील जवा, जिला रीवा निवासी की ओर से पक्ष रखा गया।

 

 

 

 

 

 

 

दलील दी गई कि जनपद पंचायत, जवा द्वारा 1998 में शिक्षा कर्मी की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। जिसके आधार पर याचिकाकर्ता ने शिक्षा कर्मी की नियुक्ति का आवेदन किया था। तत्कालीन जनपद पंचायत, सीईओ ने 30 हजार की रिश्वत की मांग कर दी। यह मांग पूरी न करने पर अपेक्षाकृत कम अंक वालों को नियुक्ति देकर याचिकाकर्ता सहित अन्य को दरकिनार कर दिया। लिहाजा, लोकायुक्त रीवा से शिकायत की गई। लोकायुक्त ने छापा मारकर शिक्षा कर्मी की नियुक्ति संबंधी सारे दस्तावेज जब्त कर लिए। याचिकाकर्ता को प्रकरण में गवाह बनाया। मामला लोकायुक्त की विशेष अदालत पहुंचा, जहां आरोप सिद्ध होने पर शिक्षा कर्मी चयन समिति के सदस्यों को सजा हो गई। इसके बावजूद अनुचित नियुक्तियां निरस्त नहीं की गईं। जिसके विरोध में याचिकाकर्ता ने कलेक्टर रीवा के समक्ष अभ्यावेदन देकर अपात्रों की नियुक्ति निरस्त पर पात्रों को नियुक्त करने की मांग की। जब अभ्यावेदन पर कोई विचार नहीं हुआ तो हाई कोर्ट चला आया।

 

 

 

 

 

हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिया कि कलेक्टर ने जानकारी प्राप्त करें कि क्या जनपद पंचायत जवा के लिए वर्ष 1998 में किए गए चयन के अनुसरण में शिक्षाकर्मी का पद अभी भी जीवित है या नहीं और उक्त चयन के अनुसरण में उक्त पद पर नियुक्तियां की जा रही हैं कि नहीं।

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