Mauganj MP:CFT भवन ध्वस्तीकरण पर जनआक्रोश, जिला प्रशासन मौन!
मऊगंज .जिले में विकास योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार और संरक्षण के आरोप एक बार फिर तेज हो गए हैं। फूल करन सिंह, पुरैनी में बने CFT शासकीय भवन को जेसीबी से गिराए जाने को लेकर जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की योजनाएँ काग़ज़ों में पूरी दिखा दी गईं, जबकि ज़मीनी हकीकत शून्य है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधूरे शासकीय भवन को गिराना विकास नहीं, बल्कि सीधा अपराध है। इस मामले में कलेक्टर से जनता ने सीधे और स्पष्ट सवाल पूछे हैं—
किस आदेश से अधूरे शासकीय भवन को गिराया गया?
लोकधन से बनी संपत्ति नष्ट करने की अनुमति किसने दी?
निर्माण पूरा न होने से किसे लाभ पहुँचाया गया?
आज तक सरपंच और सचिव पर FIR क्यों दर्ज नहीं हुई?
शासकीय राशि की वसूली और सामग्री की रिकवरी क्यों नहीं हुई?
आरोप है कि शिकायतें कलेक्टर कार्यालय में दर्ज हैं, जांच के आदेश भी दिए गए, अनुविभागीय अधिकारी की रिपोर्ट मौजूद है, मीडिया में खबरें प्रकाशित हुईं और जनपद अध्यक्ष ने लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई—फिर भी दोषी खुले घूम रहे हैं। उल्टा, सवाल उठाने वालों पर धारा 110 जैसी कार्रवाइयों की धमकी दी जा रही है।
जनता का कहना है कि चुप्पी अब साझेदारी मानी जाएगी। प्रशासन पर आरोप है कि फर्जी मुकदमों और दबाव के जरिए सच को डराने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
नागरिकों ने कलेक्टर से सार्वजनिक रूप से मांग की है कि वे फूल करन सिंह, पुरैनी पहुँचकर जनता के सामने फाइलें खोलें, दोषियों के नाम पढ़ें और कार्रवाई की स्पष्ट तारीख घोषित करें। अन्यथा यह माना जाएगा कि भ्रष्टाचार को रोका नहीं, बल्कि बचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मऊगंज जिला बनने से उम्मीदें जगी थीं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर भ्रष्टाचार, माफिया और संरक्षण का बोलबाला दिख रहा है। जनता ने साफ संदेश दिया है—अब भीख नहीं, हिसाब चाहिए।
अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं—न्याय होगा या अपराध को संरक्षण मिलेगा?





