MP news:मध्य प्रदेश में घट सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें, वैट में मिल सकती है राहत, सीएम ने दिए संकेत!
भोपाल। भारत सरकार ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में इलेक्ट्रिकल व्हीकल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह आगे भी जारी रहेगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि पेट्रोल-डीजल की चुनौती हमारे सामने हैं। वित्तीय तरलता के लिए हम अपनी आय के स्रोत को नजर अंदाज भी नहीं कर सकते हैं लेकिन समय- समय पर कट लगाते हुए निराकरण करेंगे। 18 फरवरी को राज्य का बजट आने वाला है, इसमें काफी हद तक निराकरण करेंगे। पेट्रोल-डीजल पर लग रहे वैट (वेल्यू एडेड टैक्स) को लेकर यह बात मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को आम बजट पर मीडिया से संवाद में कही। इसे वैट में कमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
वर्तमान में यह है दर
मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट, ढाई रुपये प्रति लीटर उपकर लिया जाता है। डीजल पर 19 प्रतिशत वैट के साथ डेढ़ रुपये प्रति लीटर उपकर लगता है। इसे कम करके महंगाई से राहत देने की मांग लंबे समय से उठती रही है लेकिन राज्य की आय का बड़ा स्रोत होने के कारण इसमें कमी नहीं की जा रही है। चूंकि, आम बजट में ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश इस दिशा में काम भी कर रहा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि वैट में कुछ कमी की जा सकती है। हालांकि, यह तभी होगा जब राजस्व वृद्धि के विकल्प तैयार होंगे।
16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करना हिम्मत का काम
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करना हिम्मत का काम है।
प्रदेश को रिपोर्ट के अनुसार कम राशि मिलने पर उन्होंने कहा कि जीडीपी में जिसका जितना हिस्सा उस अनुपात में कर में हिस्सा मिलेगा। हम जीएसडीपी को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए जहां निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा तो दूसरी ओर कृषि वर्ष में इससे संबद्ध उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, भाजपा के प्रदेश भाजपा प्रभारी डा. महेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
छोटे शहर आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छोटे शहरों में विकास के द्वार खोलने का काम आम बजट ने किया है। ये आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे। रोजगार बढ़ेगा। निवेश आएगा। उद्योग-धंधे बढ़ेंगे अधोसंरचना का विकास होगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम ग्रोथ इंजन बनेंगे। बायोटेक्नोलाजी, बायो फार्मा, फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और हेल्थ इंडस्ट्री आधारित स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर मिशन से प्रदेश में हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
बजट में 10 हजार करोड़ की लागत से देश के प्रत्येक जिलों में महिला छात्रावास स्थापना का के साथ नारी शक्ति के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने डेढ़ लाख सेवा प्रदाताओं और एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।





