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रीवा जिले में ऑफलाइन टोकन की जगह ई-टोकन से खाद बांटी जाएगी

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🕒 Updated: 03 Feb 2026, 06:29 AM

रीवा जिले में ऑफलाइन टोकन की जगह ई-टोकन से खाद बांटी जाएगी

REWA NEWS:  किसानों को खाद (fertilizer to farmers) बांटने में पारदर्शिता (transparency) और आसानी के मकसद से ई-टोकन (e-token) से खाद बांटने की व्यवस्था की गई है। ई-टोकन सिस्टम (E-token system) से किसानों को लंबी लाइनों और झंझटों से छुटकारा मिलेगा। इस बारे में जिला मार्केटिंग अधिकारी (District Marketing Officer) शिखा सिंह वर्मा ने बताया कि 6 फरवरी के बाद ई-टोकन से खाद बांटी जाएगी।

 

 

 

 

 

 

किसी भी तरह का ऑफलाइन टोकन (offline token)  जारी नहीं किया जाएगा। खाद लेने के इच्छुक किसान ई-टोकन पाने के लिए ई-टोकन पोर्टल पर रजिस्टर (Register on the e-token portal) करें। टोकन जारी होने के तीन दिन बाद तक वैलिड रहेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे गूगल में eTokendotMPAgriculture.org डालें। इस पर जाकर किसान की फोटो (farmer’s photo) देखें। किसान को अपना आधार नंबर दिखेगा। डेल और आधार पर रजिस्टर्ड (registered on aadhaar) मो. नंबर। पर एक OTP मिलेगा, उसे डालकर वेरिफाई (verify)  करें।

 

 

 

 

 

 

 

OTP डालने के बाद किसान की फार्मर ID से जुड़ा खसरा (associated measles) दिखेगा, जो एग्री स्टेक से जुड़ा है। पता चले खसरे को वेरिफ़ाई (verify) करने के लिए, किसान ने फिर से अपने MO से पूछा। नंबर के शुरू के छह डिजिट डालें और OTP पाकर वेरिफ़ाई करें, और आगे की प्रोसेस (process) में, सिस्टम अपने आप खसरे में मार्क किए गए एरिया के आधार पर कैलकुलेट (Calculated on the basis) करता है और बताता है कि किसान को कितने बैग फ़र्टिलाइज़र (bag fertilizer) मिलेंगे।

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