सिंगरौली के चितरंगी तहसील इलाके में आधी रात को घर में घुसा मगरमच्छ, हादसा टालने के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट तैयार
CHITRANGI NEWS: करथुआ फॉरेस्ट एरिया (Karathua Forest Area) के गांव बड़कुर (village barkur) में बीती रात रामबली तिवारी के घर में अचानक मगरमच्छ घुस (suddenly the crocodile entered) आया। रात करीब 3 बजे घर के आंगन में मगरमच्छ देखकर परिवार के लोग हैरान (The family was shocked to see the crocodile.) रह गए। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल (atmosphere of panic) बन गया। परिजनों (relatives) ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और तुरंत गांव वालों और प्रशासन (Administration) को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने (receiving information) पर फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर चितरंगी (Forest Range Officer, Chitrangi) रविशेखर सिंह अपनी टीम के साथ मौके (opportunities with the team) पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फॉरेस्ट रेंज चितरंगी (Forest Range Chitrangi) और फॉरेस्ट रेंज करथुआ (Forest Range Karathua) की एक जॉइंट टीम बनाई गई। रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) के दौरान थाना इंचार्ज (TI) सुदेश तिवारी का भी मार्गदर्शन (Guidance) मिला। इस बीच, किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने (deal with emergency situations) के लिए मौके पर पुलिस की 112 टीमें तैनात की गईं, जिससे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Strong security arrangements) किए गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन (rescue operation) से पहले फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने घर (The Forest Department team raided the house) के आसपास की भीड़ को हटाया और पूरे इलाके को घेर (surround the entire area) लिया। इसके बाद खास इक्विपमेंट की मदद से मगरमच्छ को काबू (control the crocodile) में किया गया। चितरंगी फॉरेस्ट रेंज (Chitrangi Forest Range) से सुरेश प्रजापति (फॉरेस्टर) और भोला यादव (सिक्योरिटी कमेटी), करथुआ फॉरेस्ट रेंज (Karathua Forest Range) से भैयालाल नापित और शेरवा फॉरेस्ट रेंज से हरिप्रसाद सेन (फॉरेस्ट गार्ड) और मुरली यादव (सिक्योरिटी कमेटी) इस कैंपेन में एक्टिव रूप से मौजूद (Actively involved in the campaign) थे। सावधानी से मगरमच्छ को सुरक्षित रूप (Carefully place the crocodile safely) से पकड़ा और आबादी वाले इलाकों से दूर एक सुरक्षित (Safe) जगह पर छोड़ दिया। इस घटना के दौरान किसी के हताहत होने की खबर (news of casualties) नहीं है, जिससे गांव वालों ने राहत की सांस ली (The villagers breathed a sigh of relief) ।





