सुपर-8 से पहले टीम इंडिया की टेंशन बढ़ी, कोच मोर्ने मोर्कल ने फील्डिंग को सबसे कमजोर कड़ी बताया, कैच छोड़ने के मामले में भारत दूसरे नंबर पर
Ahmedabad: T20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) 2026 के ग्रुप स्टेज (group stage) में बिना हारे रहने के बावजूद, भारतीय टीम की फील्डिंग (Indian team fielding) ने मैनेजमेंट की नींद (management sleep) उड़ा दी है। बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल (Bowling coach Morne Morkel) ने सुपर-8 मुकाबलों से पहले माना है कि टीम इंडिया (team india) की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी फील्डिंग (weakness is his fielding) और कैचिंग (catching) रही है। सूर्य कुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम (Indian team under the captaincy) ने अब तक कुल 9 कैच पकड़े हैं। आंकड़ों की बात करें तो भारत आयरलैंड (india ireland) (10 कैच) के बाद टूर्नामेंट (tournament) में सबसे ज्यादा कैच छोड़ने वाली दूसरी टीम (The second team to drop a catch) बन गई है। कोच ने चेतावनी (Coach warned) दी कि बड़े मैचों में ऐसी गलतियां टूर्नामेंट (mistakes tournament) से बाहर होने का रास्ता (way) दिखा सकती हैं।
मोर्कल ने रविवार को अहमदाबाद (Ahmedabad) के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाई-वोल्टेज मैच (High-voltage match against) से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैचिंग (Catching up at the press conference) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के नॉकआउट (Knockout tournament) और फाइनल स्टेज में एक कैच पूरे मैच का पासा पलट (turn the match) सकता है। अच्छी फील्डिंग न सिर्फ बाउंड्री (Good fielding, not just boundaries) और रन रोकती है, बल्कि विरोधी टीम की बैटिंग रिदम (Batting rhythm of the opposing team) को भी पूरी तरह बिगाड़ देती है। कोच के मुताबिक, प्रैक्टिस सेशन (practice session) में अब फोकस मुश्किल कैच पकड़ने और बाउंड्री लाइन पर फुर्ती (Agility on the boundary line) दिखाने पर है।
सुपर-8 स्टेज को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ माना जा रहा है, जिसमें सभी टीमें अब तक शानदार फॉर्म (great form) में हैं। इंडिया ने ग्रुप स्टेज के अपने चारों मैच जीतकर टॉप (Top by winning all four matches) पर जगह बनाई है, लेकिन 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाला मैच इंडिया के असली लेवल (The real level of Match India) को टेस्ट करेगा। अहमदाबाद की तेज आउटफील्ड पर फील्डिंग (Fielding on the fast outfield) करना और भी मुश्किल होगा। टीम मैनेजमेंट (team management) को उम्मीद है कि सुपर-8 के इस अहम मोड़ (turning point) पर खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और न सिर्फ बॉलिंग (bowling) और बैटिंग (batting) में, बल्कि फील्डिंग (fielding) में भी वर्ल्ड-क्लास परफॉर्मेंस (World-class performance) देंगे।





