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US के नरम रुख से ग्लोबल तेल बाज़ारों में तेज़ गिरावट, ब्रेंट क्रूड $105 से नीचे फिसला, भारतीय शेयर बाज़ारों में ऐतिहासिक 1000 पॉइंट्स की बढ़त

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🕒 Updated: 21 Mar 2026, 11:13 AM

US के नरम रुख से ग्लोबल तेल बाज़ारों में तेज़ गिरावट, ब्रेंट क्रूड $105 से नीचे फिसला, भारतीय शेयर बाज़ारों में ऐतिहासिक 1000 पॉइंट्स की बढ़त

आज ग्लोबल एनर्जी मार्केट (Global energy market today) के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इंटरनेशनल मार्केट (international market) में कच्चे तेल की कीमतों (crude oil prices) में 3 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट आई है, क्योंकि इस बात के संकेत मिले हैं कि US ईरानी क्रूड पर कड़े बैन में ढील देगा। US के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट (US Treasury Secretary Scott Bessent) ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन समुद्र (washington sea) में मौजूद लगभग 140 मिलियन बैरल ईरानी क्रूड पर लगे बैन हटाने पर विचार कर सकता है। उन्होंने साफ़ किया कि US ग्लोबल कीमतों को कंट्रोल (US controls global prices) करने के लिए लचीला रुख अपना रहा है और अभी ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट (Targeting energy infrastructure)  करने का उसका कोई प्लान नहीं है, जिससे युद्ध का डर कम (less fear of war) हो गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस ज़रूरी घोषणा (important announcement) के तुरंत बाद, बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $3.39\%$ गिरकर $104.96$ डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate) (WTI) भी $3.22\%$ गिरकर $92.47$ डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि पिछले 21 दिनों से चल रहे वेस्ट एशिया विवाद (West Asia dispute) की वजह से जो ‘रिस्क प्रीमियम’ बढ़ा था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। अगर ग्लोबल मार्केट (global market) में 140 मिलियन बैरल तेल आता है, तो इससे सप्लाई की कमी की काफी हद तक भरपाई हो जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों (prices in days) में और स्थिरता आने की उम्मीद है।

 

 

 

 

 

 

 

 

भारत अपनी एनर्जी ज़रूरतों (energy needs) का लगभग 80 परसेंट कच्चा तेल इम्पोर्ट (crude oil import)  करता है, इसलिए इंटरनेशनल कीमतों ()international prices) में यह कमी भारतीय इकोनॉमी (Indian economy is lacking) के लिए बहुत पॉजिटिव संकेत है। तेल की कीमतों में गिरावट की खबर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 1,000 पॉइंट्स उछल गया, जबकि निफ्टी में भी 300 पॉइंट्स की ज़बरदस्त बढ़त हुई। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि राहत के बावजूद चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि मार्च की शुरुआत के मुकाबले कीमतें अभी भी काफी ऊपर हैं। फिलहाल, इन्वेस्टर्स और मार्केट की नज़रें (market eyes) US और ईरान के अगले डिप्लोमैटिक कदमों (diplomatic steps) पर टिकी  (Depends on diplomatic steps) हैं, जो भविष्य की दिशा तय करेंगे।

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