---Advertisement---

क्या दूध पीना बन गया खतरे की घंटी? डॉक्टरों की बड़ी चेतावनी सुनी आपने?

By: संवाददाता । विराट वसुंधरा

On: Wednesday, January 21, 2026 5:57 PM

क्या दूध पीना बन गया खतरे की घंटी? डॉक्टरों की बड़ी चेतावनी सुनी आपने?
Google News
Follow Us
---Advertisement---
🕒 Updated: 23 Jan 2026, 09:33 AM

एक समय था जब दूध को स्वास्थ्य का सुपरफूड माना जाता था। हमारे दादा-दादी की कहानियों में दूध को ताकत और सेहत का प्रमुख स्रोत बताया जाता था। पहलवानों के खाने में दूध और घी का खास स्थान था। बच्चों की सही ग्रोथ के लिए भी दूध को जरूरी समझा जाता था। “दूध नहीं पीओगे तो लंबे नहीं होगे” जैसे वाक्य घर-घर सुनाई देते थे। लेकिन आज के समय में दूध को लेकर सोच में बदलाव आया है। डॉक्टर और न्यूट्रीशन एक्सपर्ट अब इसे हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं मानते। कई लोग दूध से दूरी बना रहे हैं और वीगन डाइट में तो दूध और उससे बनी सभी चीजें पूरी तरह से प्रतिबंधित होती हैं। सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? दूध को अब नुकसानदायक क्यों माना जाने लगा है?

दूध से सूजन और इम्यून सिस्टम पर प्रभाव

इंस्टाग्राम पर डॉक्टर तरंग कृष्णा ने एक वीडियो में दूध पीने को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि दूध पीने से शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ सकती है। शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और दूध पीने से यह डैमेज हो सकता है। खासतौर पर कैंसर के इलाज के दौरान दूध पीने से बचना जरूरी होता है क्योंकि सूजन बढ़ने से बीमारी और बिगड़ सकती है। डॉक्टर तरंग ने लोगों को सलाह दी है कि वे एनीमल मिल्क का सेवन बंद कर दें और इसके विकल्प अपनाएं। वे कहते हैं कि आप ओट मिल्क, सोया मिल्क, बादाम मिल्क जैसे प्लांट बेस्ड दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन लोगों को इनका स्वाद पसंद नहीं आता, वे दूध की जगह लेमन टी, ब्लैक टी, ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी पी सकते हैं।

दूध और कैंसर के बीच की सच्चाई

हालांकि दूध और कैंसर के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है, लेकिन रायपुर के कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि दूध से परेशान लोगों को इसका सेवन बंद कर देना चाहिए। दूध पीने से शरीर में IGF-1 नामक ग्रोथ हार्मोन बढ़ता है, जो सेल डिविजन में मदद करता है। यह हार्मोन कई प्रकार के प्रोटीन से बढ़ता है, इसलिए सिर्फ दूध ही इसका एक कारण नहीं है। लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को दूध पीने से सूजन हो सकती है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अध्ययन बताते हैं कि रोजाना एक लीटर से ज्यादा दूध पीने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दूध का सेवन सीमित मात्रा में करना ही सुरक्षित माना जाता है।

दूध के विकल्प और सावधानी

डॉक्टरों की सलाह है कि दूध के प्रति अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझें और उसी हिसाब से अपनी डाइट बनाएं। यदि आपको दूध से कोई समस्या होती है तो बेहतर होगा कि आप प्लांट-बेस्ड दूध या अन्य पेय पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। दूध के विकल्प में ओट, सोया, बादाम और नारियल के दूध के साथ-साथ हर्बल टी और काली कॉफी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट में विविधता रखें और अपने शरीर की जरूरतों के अनुसार सही चुनाव करें। दूध का सेवन पूरी तरह से बंद करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सीमित मात्रा में और सही समय पर दूध का सेवन सेहत के लिए लाभदायक भी हो सकता है। ऐसे में दूध को पूरी तरह से खराब बताने की बजाय उसके सही उपयोग और विकल्पों को समझना ज्यादा जरूरी है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

March 15, 2026

March 14, 2026

March 14, 2026

March 13, 2026

March 13, 2026

March 12, 2026

Leave a Comment