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यूरिया घोटाले की फिर पोल खुली किसानों ने वीडियो देखकर जांच कराने की मांग की

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🕒 Updated: 05 Feb 2026, 05:44 AM

यूरिया घोटाले की फिर पोल खुली किसानों ने वीडियो देखकर जांच कराने की मांग की

SATNA NEWS:   जिले के कोठी कस्बे (kothi town) में एक बार फिर खाद की ब्लैक मार्केटिंग (black marketing of fertilizer) का मामला सामने आया है। बुधवार को एक वीडियो वायरल (video viral)  हुआ, जिसमें किसानों को तय कीमत (fixed price for farmers) से लगभग दोगुने दाम पर यूरिया खाद (urea fertilizer) बेची जा रही है।

 

 

 

 

 

 

 

वायरल वीडियो (video viral) में बताया जा रहा है कि 266 रुपये प्रति बोरी वाली यूरिया खाद 500 रुपये (Urea fertilizer Rs 500) में बेची जा रही है। मामला खलिहान (barn)  में चल रही एक दुकान से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो में दुकान संचालक (shop operator) खुद 500 रुपये में खाद बेचने की बात कबूल करता सुनाई दे रहा है। किसानों का आरोप है कि खाद बांटने के लिए स्लॉट सिस्टम का पालन (follow slot system) नहीं किया जा रहा है। नतीजतन, जरूरतमंद किसानों को खाद (fertilizer to farmers) नहीं मिल पा रही है, जबकि खुली ब्लैक मार्केटिंग (open black marketing) जारी है।

 

 

 

 

 

 

 

 

इस समय गेहूं और दूसरी फसलों के लिए खाद (fertilizer for crops) की बहुत जरूरत है। किसान पहले से ही खाद की कमी और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में गड़बड़ी (Fault in the distribution system)  से जूझ रहे हैं। ऐसे में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों (complaints of black marketing)  ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई किसानों का कहना है कि फसल बचाने के लिए उन्हें ज्यादा दामों पर खाद खरीदने (buy fertilizer at low prices) को मजबूर होना पड़ रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

भूमिका पर सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल (Questions on the role of the administration after) उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों (local people) ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त (strict action against the culprits) कार्रवाई की मांग की है। अगर वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि (verification of claims) होती है, तो इसे न केवल कालाबाजारी बल्कि कृषि आपूर्ति सिस्टम (Black marketing rather than agricultural supply system) में गंभीर लापरवाही (gross negligence)  का मामला माना जाएगा। वीडियो के बारे में अभी तक संबंधित विभाग (Relevant departments) की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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