2026 का सबसे बड़ा संकट महंगाई ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। अब जनता की नज़र सरकार के ठोस कदमों पर है?
देश में बने हुए प्रोडक्ट्स की कीमत (price of products) बढ़ने की वजह से जनवरी 2026 में होलसेल कीमतों (wholesale prices) में और बढ़ोतरी (increase) हुई है। अगर 3 महीने पहले की बात करें तो होलसेल महंगाई (wholesale inflation) पहली बार ज़ीरो से शुरू हुई थी और 0.32 दिसंबर 2024 में यह 2.57 परसेंट थी।
देश में महंगाई (inflation in the country) का असर खाने-पीने की चीज़ों पर नहीं पड़ रहा है। खाने-पीने की चीज़ों (food and drinks) , आलू, प्याज और दालों की कीमतों (prices of pulses) में महंगाई आसमान छू (inflation skyrocketed) रही है। सब्जियों की कीमत (price of vegetables) लगातार बढ़ रही है, जिससे आम नागरिक(ordinary citizens) को परेशानी (Trouble) हो रही है।
खाने-पीने (eating and drinking) की सभी चीज़ों की कीमतें (prices of things) लगातार बढ़ रही हैं जैसे दूध की कीमतों में 3.3% और मीट और मछली की कीमतों में 1.14% की बढ़ोतरी हुई है। बने हुए खाने की चीज़ों की कीमतें 0.90% बड़ी सीट की कीमतें लगातार (prices constant) बढ़ रही हैं, यहाँ तक कि मिनरल वाटर (mineral water) पीने के पानी की कीमतें भी कम नहीं हो रही हैं। मिली।
क्रूड ऑयल (crude oil) और नैचुरल गैस कैटेगरी (Natural gas category) में महंगाई ज़ीरो से नीचे 5.99 परसेंट दर्ज की गई। क्रूड ऑयल (crude oil,) , खासकर क्रूड ऑयल (especially crude oil) में 10 परसेंट की गिरावट आई। डीज़ल (diesel) और पेट्रोल (petrol) की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। महंगाई अपने रिकॉर्ड हाई (Inflation at record high) पर पहुंच गई है। इस बढ़ती महंगाई की वजह से आम लोगों का जीना मुहाल (Life is easy for common people) हो गया है। आखिर वे अपने परिवार का पेट कैसे पाल पाएंगे क्योंकि महंगाई (because inflation) तो बढ़ गई है लेकिन सरकार ने 1 दिन काम करने वाले आम लोगों की सैलरी नहीं बढ़ाई (Salary not increased) है लेकिन देश में महंगाई सातवें आसमान (Inflation is sky high in the country) पर पहुंच गई है।





