Rewa MP:सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मनीष पटेल के ‘ब्राह्मण लड़की पटाने के बाद’ वीडियो पर बढ़ा आक्रोश!
ब्राह्मण समाज ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
रीवा। अपनी कॉमेडी और देसी अंदाज के वीडियो से सोशल मीडिया पर पहचान बनाने वाले रीवा के कलाकार मनीष पटेल एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार विवाद का कारण कोई हंसी-मजाक नहीं, बल्कि एक विशेष समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कंटेंट है। मनीष पटेल द्वारा ‘ब्राह्मण लड़की’ को लेकर बनाए गए एक कथित वीडियो ने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया है, जिसके बाद ब्राह्मण समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
वैलेंटाइन डे (14 फरवरी) के नजदीक आते ही मनीष पटेल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक ‘ब्राह्मण लड़की पटाने के बाद’ बताया जा रहा है। वीडियो के वायरल होते ही इस पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। समाज के प्रबुद्ध वर्ग और युवाओं का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर किसी विशेष जाति की महिलाओं या समाज को निशाना बनाना न केवल अनैतिक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता को बिगाड़ने का प्रयास भी है।
कलाकार को शोभा नहीं देती ऐसी टिप्पणी
सोशल मीडिया पर मनीष पटेल की जमकर आलोचना हो रही है। प्रदर्शनकारियों और समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक कलाकार का काम समाज को जोड़ना और मनोरंजन करना होता है, न कि जातिगत विद्वेष फैलाना। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग मनीष को आड़े हाथों लेते हुए लिख रहे हैं कि लोकप्रियता पाने के लिए किसी समाज की गरिमा को ठेस पहुँचाना सस्ती मानसिकता का परिचायक है। कई यूजर्स ने इसे “पब्लिसिटी स्टंट” करार दिया है और मांग की है कि ऐसे कंटेंट पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व IAS संतोष वर्मा प्रकरण की यादें हुई ताजा
इस विवाद ने मध्य प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी संतोष वर्मा के उस पुराने मामले की यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समाज की महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस समय भी पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज ने लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मामला काफी तूल पकड़ गया था। वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए समाज के लोगों का कहना है कि बार-बार एक ही वर्ग को निशाना बनाना बर्दाश्त से बाहर है।
गुस्से में युवा, दी गई माफी की मोहलत
रीवा और आसपास के जिलों में मनीष पटेल के खिलाफ विरोध के स्वर तेज हो गए हैं।
स्थानीय संगठनों का कहना है कि: मनीष पटेल को सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
विवादास्पद वीडियो को तत्काल सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर FIR दर्ज कराई जाएगी।
सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कुछ युवाओं ने लिखा है कि “अगर मनीष पटेल ने जल्द ही अपनी गलती नहीं सुधारी, तो उन्हें आने वाले समय में गंभीर चुनौतियों और कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा।”
बढ़ता हुआ डिजिटल विवाद
आज के दौर में ‘लाइक’ और ‘व्यूज’ की दौड़ में कई कंटेंट क्रिएटर मर्यादा की सीमाएं लांघ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह कतई नहीं है कि आप किसी की धार्मिक या जातीय भावनाओं को ठेस पहुँचाएं। मनीष पटेल, जो अक्सर बघेली संस्कृति और ग्रामीण परिवेश के वीडियो के लिए जाने जाते थे, अब इस विवाद के कारण अपनी छवि खोते नजर आ रहे हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल, इस पूरे मामले पर मनीष पटेल की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफीनामा सामने नहीं आया है। शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की साइबर सेल भी सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नजर रख रही है। अब देखना यह होगा कि मनीष पटेल अपनी गलती स्वीकार करते हैं या यह विवाद कोई नया मोड़ लेता है।





