रीवा में ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे? आधे से ज्यादा पद खाली, जाम पर कौन लगाएगा ब्रेक?
REWA NEWS: शहर का ट्रैफिक सिस्टम (traffic system) पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। आम राहगीर ट्रैफिक जाम (pedestrian traffic jam) से परेशान हैं और प्रशासन (Administration) के लिए भी चुनौती बन गया है। शहर का कोई चौराहा या सड़क ऐसी नहीं है जहां ट्रैफिक जाम (traffic jam) न लगता हो। ट्रैफिक पुलिस थाने (traffic police station) को मंजूर हेयर का आधा भी नहीं दिया गया है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में परेशानी (Difficulty in making arrangements) होती है। शहर की बेलगाम ट्रैफिक व्यवस्था (Uncontrolled traffic system) से हर कोई परेशान है। कई बार तो अधिकारी भी ट्रैफिक जाम में फंस (Officials also got stuck in traffic jam) जाते हैं।
इस समय शादियों का सीजन (time wedding season) चल रहा है और शहर में लोगों की भीड़ (Crowd) रहती है। गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है लेकिन आज भी ट्रैफिक थाने में पुरानी फोर्स ही है। शहर के विस्तार के साथ चौराहों की संख्या (Number of intersections with extension) भी बढ़ी लेकिन मंजूर फोर्स नहीं दी गई। किसी तरह ट्रैफिक सिस्टम चल रहा है। कई व्यस्त चौराहे ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा भीड़ और ट्रैफिक जाम लगता है। सुभाष चौक, इंटौरा बायपास, नया बस स्टैंड, रतहरा बायपास, पुलिस लाइन चौराहा, गुढ़ चौराहा, खन्ना चौराहा, वेंकट तिराहा, अस्पताल चौराहा, पीटीएस चौक, मृगनयनी चौक सहित अमहिया रोड, वेंकट रोड, बिछिया अस्पताल के पास जाम की स्थिति बनी हुई है। और अव्यवस्था की स्थिति बनी (chaos ensued) हुई है।
सिर्फ तीन चौराहों पर हैं सिग्नल
ट्रैफिक व्यवस्था (traffic management) को बेहतर बनाने के लिए शहर के सिर्फ तीन चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल चालू (traffic signal on) हैं। कॉलेज चौक, मार्तंड तिराहा और ढेकहा तिराहा में सिग्नल लगाया गया है। जबकि जरूरत कई चौराहों पर है जहां ट्रैफिक का दबाव ज्यादा (high traffic pressure) रहता है। इतने बड़े शहर में सिर्फ तीन सिग्नल हैं, जबकि जरूरत कई चौराहों पर है जहां सिग्नल लगने चाहिए। चोरहटा-रतहरा मार्ग में जो कट खुले थे, उनमें से ज्यादातर को बंद कर दिया गया है ताकि सड़क हादसों (road accidents) में कमी लाई जा सके। सूत्रों के मुताबिक, शहर के ट्रैफिक सिस्टम (city traffic system) के लिए 92 जवानों की फोर्स मंजूर है, जबकि ट्रैफिक इंचार्ज समेत (including traffic incharge) सिर्फ 36 जवान ही तैनात हैं। सब इंस्पेक्टर के नौ पद मंजूर हैं और एक भी खाली नहीं है। सूबेदार के एक ही पद के तीन पद मंजूर हैं, जिनमें से सिर्फ दो भरे हुए हैं। प्रिंसिपल रिजर्विस्ट (Principal Reservist) के 11 पद हैं और 7 तैनात हैं। रिजर्विस्ट के 61 पद मंजूर हैं, जिनमें से सिर्फ 19 तैनात हैं। फोर्स की भारी कमी के कारण ट्रैफिक सिस्टम (traffic system) पटरी पर नहीं आ पा रहा है। कई सालों से मंजूर फोर्स देने के लिए पत्राचार (correspondence) हो रहा था, लेकिन फोर्स नहीं दी गई। जब तक पर्याप्त फोर्स (enough force) नहीं होगी, ट्रैफिक सिस्टम नहीं सुधरेगा (The traffic system will not improve.) ।





