किस वजह से इलेक्ट्रिकल वाहनों की खुदरा बिक्री देश में एतिहासिक वृद्धि हुयी है?
New Delhi, February 12 (IANS): देश (Country) में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (electric trains) की रिटेल बिक्री जनवरी में सभी कैटेगरी में तेज़ी (Growth in the category) से बढ़ी। फेडरेशन ऑफ व्हीकल डीलर्स (Federation of Vehicle Dealers) (FADA) के बुधवार को जारी डेटा के मुताबिक, जनवरी में पैसेंजर गाड़ियों (passenger trains) की बिक्री साल-दर-साल 54.75 परसेंट बढ़कर 18,470 हो गई। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors Passenger Vehicles) 8,007 यूनिट्स के साथ इस कैटेगरी में टॉप पर रही। इसकी बिक्री 50.71 परसेंट बढ़ी। JSW MG मोटर इंडिया 4,703 गाड़ियों के साथ दूसरे और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) 3,668 यूनिट्स के साथ तीसरे नंबर पर रही। उनकी बिक्री में क्रम से 3.82 परसेंट और 395.68 परसेंट की बढ़ोतरी हुई। टू-व्हीलर कैटेगरी (Two-wheeler category) में कुल बिक्री 24.77 परसेंट बढ़कर 1,22,812 यूनिट्स हो गई। पहले तीन में, TVS मोटर कंपनी की बिक्री 34,558 यूनिट्स, 25,598 यूनिट्स और 21,999 यूनिट्स रही। इनमें क्रम से 43.82 परसेंट, 19.23 परसेंट और 67.97 परसेंट की बढ़ोतरी हुई। हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) 13,302 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर रहा।
तीन-पहिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रिटेल बिक्री (Retail sale of three-wheeled electric vehicles) भी एक साल पहले के मुकाबले 26.43 परसेंट बढ़कर 75,767 यूनिट्स हो गई। इस कैटेगरी में बजाज ऑटो(Bajaj Auto in the category) (8,510 यूनिट्स) पहले, महिंद्रा ग्रुप (7,489 यूनिट्स) दूसरे और टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor Company) (2,673 यूनिट्स) तीसरे स्थान पर रही। इनकी बिक्री क्रम से 58.86 परसेंट, 21.85 परसेंट और 1,909.77 परसेंट बढ़ी। इलेक्ट्रिक कमर्शियल गाड़ियों (electric commercial vehicles) की बिक्री 115.5 परसेंट बढ़कर 2,060 यूनिट्स हो गई। टाटा मोटर्स (Tata Motors) 700 यूनिट्स के साथ पहले, यूलर मोटर्स 336 यूनिट्स के साथ दूसरे और महिंद्रा ग्रुप 252 यूनिट्स के साथ तीसरे स्थान (Third place with units)पर रहा। इसकी बिक्री में साल-दर-साल क्रम से 105.9 प्रतिशत, 2,000 प्रतिशत और 90.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। FADA के प्रेसिडेंट सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि देश की EV क्रांति लगातार पॉजिटिव तरीके से बढ़ रही है। जनवरी के आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव सब्सिडी (subsidy) के बजाय डिमांड (demand) की वजह से है।





