सोने-चांदी के दाम बढ़े, चांदी 6000 रुपये महंगी होकर 2.66 लाख के पार, सेफ इन्वेस्टमेंट के लिए खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी
GOLD AND SILVER PRICE: बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर सोने और चांदी के दाम में फिर (Silver prices again) से तेजी लौटी। 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी बाजार खुलते (silver market opens) ही ₹6,004 (2.30%) की तेज बढ़त के साथ ₹2,66,748 प्रति kg हो गई। वहीं, 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना (Gold with expiry date) ₹785 की बढ़त के साथ ₹1,60,754 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। U.S. टैरिफ पॉलिसी (tariff policy) को लेकर ग्लोबल अनिश्चितता (global uncertainty) और मिडिल ईस्ट (middle east) में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitical tensions) के साथ, इन्वेस्टर्स (Investors) ने एक बार फिर सेफ इन्वेस्टमेंट (safe investment) के तौर पर कीमती धातुओं (precious metals) की ओर रुख किया है।
भारतीय सर्राफा बाजारों में ज्वैलर्स (Jewellers in Indian bullion markets) और ट्रेडर्स की खरीदारी में अचानक (Sudden increase in buying by traders) आई तेजी से कीमतों में अच्छी तेजी (good pace) आई है। लेटेस्ट डेटा (latest data) के मुताबिक, स्पॉट मार्केट में सोना (gold in spot market) ₹1,60,360 पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी (Indian rupee weakens against the dollar) ने भी सोने की कीमतें बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई (played an important role) है, क्योंकि कमजोर रुपये से सोने का इंपोर्ट महंगा (Gold imports are expensive) हो जाता है। हालांकि इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold in the International Market) में मामूली उतार-चढ़ाव देखा (Minor fluctuations were observed) जा रहा है, लेकिन भारतीय मार्केट में शादियों के सीजन (Wedding season in the Indian market) की डिमांड से कीमतें ऊंची (Demand drives prices higher) बनी हुई हैं।
आज (Today) कीमतों में तेजी (rise in prices) के बावजूद, यह अभी भी लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स (Long-Term Investors) के लिए एक अच्छा मौका (good chance) बना हुआ है। चांदी अभी अपने ‘ऑल-टाइम हाई’ ₹4,20,000 के मुकाबले करीब ₹1.56 लाख सस्ती मिल रही है। इसी तरह, सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई (Gold also reached its record high) ₹1,83,962 से करीब ₹23,000 नीचे ट्रेड कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स (Market Experts) का मानना है कि अगर आप लॉन्ग-टर्म के लिए इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो मौजूदा मंदी और स्थिरता के बीच यह खरीदने का सही समय हो सकता है क्योंकि ग्लोबल अनिश्चितताएं भविष्य में कीमतें (Global uncertainties in future prices) और बढ़ा सकती हैं।





