बड़ा साइबर अलर्ट: ईरान की बैंकिंग सेवाएं खतरे में गूगल माइक्रोसॉफ्ट की टारगेट पर
ईरान ने एक बड़ी चेतावनी जारी (A big warning issued) की है, जिसमें कहा गया है कि वह इस इलाके में मौजूद U.S. (U.S. presence in the area) और इज़राइल से जुड़े इकोनॉमिक सेंटर (Economic Center) , बैंकों (banks) और गूगल (Google) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी U.S. कंपनियों को भी टारगेट (U.S. companies also targeted) कर सकता है। खबर है कि यह बयान एक ईरानी बैंक (statement an iranian bank) पर हुए हमले के जवाब में आया है।
ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (Revolutionary Guards in Iran) से जुड़े ‘खतम अल-अंबिया’ हेडक्वार्टर के स्पोक्सपर्सन (Headquarters spokesperson) ने साफ किया कि ईरानी बैंक पर हमले के बाद अब दुश्मन के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (Now the enemy’s financial institutions) उनके टारगेट (target) पर हैं। ईरान ने इलाके के लोगों को सेफ्टी कारणों से इन बैंकों (Due to safety reasons, these banks) के एक किलोमीटर के दायरे से दूर रहने की सलाह (Advice to stay away from the range) दी है।
साथ ही, ईरान ने उन बड़ी U.S. टेक कंपनियों की एक लिस्ट जारी (A list of companies has been released) की है जिनकी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मिलिट्री मकसदों (whose technology is used for military purposes) के लिए किया जा रहा है। इनमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, NVIDIA, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियां शामिल (Companies like Oracle are involved.) हैं।
ईरानी मीडिया (Iranian media) के मुताबिक, इन कंपनियों के ऑफिस (corporate offices) और क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर (Cloud-based infrastructure) जो इज़राइल और कुछ खाड़ी देशों में हैं, अब ईरान के ‘लेजिटिमेट मिलिट्री टारगेट’ हैं। ईरान का कहना है कि जैसे-जैसे युद्ध का दायरा बढ़ (The scope of the war increases) रहा है, उसे अपने हमलों को इकोनॉमिक (economic attacks) और टेक्नोलॉजिकल एसेट्स (Technological Assets) तक बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रिपोर्ट (Report) के मुताबिक, इन कंपनियों के ऑफिस (corporate offices) और क्लाउड सर्विसेज़ से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर इज़राइल (Cloud Services Infrastructure Israel) के कई शहरों के साथ-साथ कुछ खाड़ी देशों में भी हैं, जो अब ईरानी हमलों (Iranian attacks) के खतरे में आ गए हैं।
ईरानी अधिकारियों (Iranian officials) ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर उनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी (Attacks on energy infrastructure continue) रहे, तो वे इस इलाके की तेल फैसिलिटीज़ को टारगेट करेंगे, जिससे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल से ऊपर चली जाएंगी। खाड़ी देशों में अमेज़न के डेटा सेंटर्स और तेल रिफाइनरियों (oil refineries) पर कभी-कभी हमलों की खबरें पहले (news of attacks first) ही आ चुकी हैं।





