🕒 Updated: 26 Jun 2026, 06:11 PM
MP news:पटवारी बने तहसीलदार, मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिवार की नाप दी उज्जैन की जमीन, मचा सियासी हंगामा!
भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में जमीन खरीद और बाद में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच संबंध स्पष्ट किया जाना चाहिए।
कांग्रेस का दावा है कि 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार और रिश्तेदारों द्वारा करीब 168 से 253 एकड़ जमीन खरीदी गई, जबकि कुल होल्डिंग लगभग 335 एकड़ तक पहुंचने की बात सामने आई है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इन जमीनों के आसपास बाद में सड़क, हाईवे और मास्टर प्लान-2035 के तहत भूमि उपयोग में बदलाव हुए।
कांग्रेस नेताओं ने परिवार के कई सदस्यों के नाम और जमीन का विवरण भी सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि इस मामले में रियल एस्टेट कंपनियों की भी भूमिका है, जिनमें परिवार की हिस्सेदारी बताई जा रही है।
कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है : जीतू पटवारी
• नीलेश यादव: 108 एकड़
• गोविंद यादव: 47 एकड़
• मोहन यादव: 17 एकड़
• सीमा यादव: 11 एकड़
• वैभव यादव: 17 एकड़
• शालिनी यादव: 10 एकड़
• नारायण यादव: 19 एकड़
• नंदलाल यादव: 17 एकड़
• कलावती: 17 एकड़
• अभय यादव: 16 एकड़
• रेखा यादव: 6 एकड़
• इस मामले में 4 रियल स्टेट कंपनियों का जिक्र हुआ है और इनमें बहुमत हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की है।
• मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है। वहीं, मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है।
• तीन अलग-अलग कंपनियों में परिवार के करीबी रिश्तेदारों की बड़ी हिस्सेदारी है।
• मोहन यादव के मंत्री रहने और फिर मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स इन जमीनों के आसपास से निकले।