Mauganj MP:केदारनाथ महाविद्यालय में जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद: साइबर ठगी से लेकर महिला सुरक्षा तक, पुलिस ने युवाओं को बताए बचाव के तरीके!
मऊगंज: मऊगंज के पीएम श्री शासकीय शहीद केदारनाथ महाविद्यालय में पुलिस और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, यातायात नियम, महिला सुरक्षा और नशे से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक किया। साथ ही युवाओं से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की गई।
युवाओं को बताया समाज में बदलाव का वाहक
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा समाज की सकारात्मक ऊर्जा और परिवर्तन के प्रमुख वाहक हैं। युवाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ समाज की सुरक्षा में भी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। जागरूकता, जिम्मेदारी और सतर्कता के जरिए कई अपराधों को रोका जा सकता है।
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की अपील
एएसपी सरयाम ने सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के प्रति लापरवाही पर चिंता जताते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की सलाह दी। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की।
उन्होंने युवाओं से कहा कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही न केवल स्वयं की, बल्कि दूसरे लोगों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन सकती है।
साइबर ठगी से बचने के बताए जरूरी उपाय
कार्यक्रम में साइबर अपराध को लेकर विद्यार्थियों को विशेष रूप से जागरूक किया गया। एएसपी ने डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी जैसे मामलों की जानकारी देते हुए साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने पर भी जोर दिया।
साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
छात्राओं को महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी
एसडीओपी सचि पाठक ने छात्राओं को महिला संबंधी अपराधों, कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा और साइबर उत्पीड़न से जुड़े विषयों की जानकारी दी। उन्होंने विषम परिस्थितियों में उपलब्ध सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में बताते हुए 1090, 181 और आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग करने की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने और समय रहते संबंधित सहायता प्राप्त करने की अपील की।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों के दिए जवाब
थाना प्रभारी अजय खोब्रागड़े और विशेष शाखा प्रभारी जगदीश ठाकुर ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों, अपराधों से बचाव और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने विशेष रूप से ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से समाधान बताया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एसडी पांडेय, समस्त प्राध्यापकगण, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
युवाओं को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की पहल
‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ के माध्यम से पुलिस ने युवाओं को केवल अपराधों से बचने के उपाय ही नहीं बताए, बल्कि उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया। कॉलेज परिसर में आयोजित यह संवाद युवाओं और पुलिस के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम बना।





