Rewa हत्या के केस पर संग्राम! पुलिस पर साजिश रचने का गंभीर आरोप, IG से षड्यंत्रकारियों पर FIR की मांग
रीवा । जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के मामले को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम डेल्ही निवासी रानी शुक्ला और गीतांजलि शुक्ला ने पुलिस महानिरीक्षक, रीवा संभाग को शिकायत सौंपकर अपराध क्रमांक 347/2026 को कथित साजिश का परिणाम बताया है। शिकायतकर्ताओं ने थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों और अन्य व्यक्तियों पर मिलीभगत कर परिजनों को हत्या के मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पहले मारपीट की शिकायत, फिर हत्या का मामला।
शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 की रात भाईलाल गर्ग के साथ मारपीट हुई थी। इसकी सूचना रात 9:55 बजे डायल-112 पर दी गई। आरोप है कि पुलिस पहुंचने के बावजूद उन्हें थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं ले जाया गया। अगले दिन सुबह बैकुंठपुर पहुंचने पर उनकी शिकायत पर अपराध क्रमांक 346/2026 दर्ज किया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसके बाद दधिवल पिता रामगोपाल की बीमारी से हुई स्वाभाविक मौत का लाभ लेने दूसरे पक्ष द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है जिसकी परिस्थितियां जांच का विषय हैं।
अस्पताल के रिकॉर्ड पर उठाए सवाल।
आवेदन में बताया गया है कि दधिवल को 8 अक्टूबर को दस्त, उल्टी और सांस लेने में परेशानी के कारण विंध्य हॉस्पिटल, रीवा में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चिकित्सकीय सलाह के विपरीत उन्हें अस्पताल से ले जाया गया। उनके अनुसार, दोपहर लगभग 3:55 बजे अस्पताल से ले जाने के बाद रात 8:37 बजे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 8:52 बजे मृत घोषित किया गया। शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि उपचार के दौरान कथित मारपीट का उल्लेख कब और किस आधार पर हुआ। उन्होंने दोनों अस्पतालों के मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टरों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 8 अक्टूबर की रात भाईलाल गर्ग और देवराज गर्ग को उनके घरों से जबरन उठाकर थाने ले जाया गया। गिरफ्तारी की तारीख और न्यायालय में प्रस्तुत जानकारी में कथित अंतर का दावा करते हुए सीसीटीवी फुटेज, फोन लोकेशन और गिरफ्तारी पत्रकों की जांच कराने की मांग की गई है।
इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग।
आवेदन में पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी श्रृंगेश सिंह राजपूत प्रधान आरक्षक कुशल दत्त तिवारी उप निरीक्षक रामयश रावत और अन्य व्यक्तियों राजकुमार शुक्ला पिता रामगोपाल शुक्ला राजेश उर्फ पिंटू पिता राम कैलाश शुक्ला सुशील शुक्ला पिता शिव कैलाश शुक्ला प्रदीप उर्फ पुजारी पिता नतीलाल पंकज उर्फ कृष्णा पिता राजकुमार आकाश उर्फ घुन्ना पिता नतीलाल एवं अन्य पर मिलीभगत तथा आर्थिक लेन-देन के आरोप भी लगाए गए हैं और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
IG से निष्पक्ष जांच की मांग।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, 9 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को आवेदन और 12 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी। अब 27 अक्टूबर को IG को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।





