भोपाल के राजगढ़ रोड पर सांडों की टक्कर से अफरा-तफरी, घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसी गाड़ियां
BHOPAL NEWS: शहर की सड़कों (city streets) , चौराहों (intersections) और गलियों में हर दिन दहशत का माहौल (atmosphere of panic) रहता है। बेखौफ लड़ते हुए, दौड़ते हुए सांड गाड़ियों (bull carts) , राहगीरों को अपनी चपेट (Passers-by get caught in their grip) में ले लेते हैं, जिससे कई गाड़ियां डैमेज (vehicles damaged) हो जाती हैं और कई लोग घायल हो जाते हैं। ऐसा ही नजारा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे लोकल राजगढ़ रोड पर श्री राधाकृष्ण मंदिर के पास देखने को मिला जब चार अलग-अलग सांडों में लड़ाई (bullfighting) हो गई। यह लड़ते हुए इधर-उधर भागने लगे। इससे सड़क पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रुक (Traffic stopped on the road for some time) गया। यह काफी देर तक चलता रहा।
ऐसे हालात हर दिन बन रहे हैं
शहर समेत शहर की सड़कों (city streets) , गलियों (streets) और चौराहों पर बड़ी संख्या में सांड देखे (See bulls in numbers) जा सकते हैं। लेकिन फिर दहशत का माहौल (atmosphere of panic) तब बन जाता है जब ये सांड अचानक (bull suddenly) एक-दूसरे से लड़ने लगते हैं। दौड़ते हुए सांड दोपहिया और दूसरी गाड़ियों को टक्कर मार (bump into) देते हैं। कई बार राहगीर, दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो चुके हैं। गलियों और मोहल्लों में भी जमा (Gathered in neighborhoods too) होते हैं।
पहले सांड सिर्फ़ हाईवे (bull highway only) , बाज़ार और चौराहों पर ही दिखते (visible at intersections) थे, लेकिन अब सांड कॉलोनियों (Bull colonies) , तंग गलियों और मोहल्लों में भी दिख (Also seen in neighborhoods) जाते हैं। रोज़ वे एक-दूसरे से लड़ते हुए भागते हैं, जिससे आने-जाने वाले लोग, गाड़ियां उनकी चपेट (cars hit them) में आ जाती हैं, लोग उनकी चपेट में आकर घायल (injured after being hit) हो जाते हैं। गाड़ी डैमेज हो चुकी (The car is damaged) है।





