बरका का पटवारी बना किसानों का ‘रिकवरी ऑफिसर’, कलेक्टर कोर्ट में लोगों का गुस्सा फूटा
बिना पैसे के नहीं होता कोई काम, तीन साल से जमे पटवारी पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप
SINGRAULI NEWS: देवसर तहसील (Devsar Tehsil) के गांव बरका (हल्का नंबर 29) में तैनात पटवारी (posted patwari) रामखेलावन सिंह के खिलाफ मंगलवार को कलेक्टर ऑफिस (Collector Office) में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. दर्जनों किसान शिकायत लेकर पहुंचे और आरोप (Blame) लगाया कि पटवारी बिना पैसे लिए कोई सरकारी काम नहीं करता. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जमीन बंटवारा, नक्शा संशोधन और खसरा सुधार जैसे जरूरी काम महीनों से पेंडिंग पड़े हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि तीन साल से एक ही जगह जमे पटवारी ने भ्रष्टाचार (Patwari corruption) को आदत बना लिया है. कई किसानों ने बताया कि रिश्वत देने के बाद भी फाइलें धूल खा रही हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान (financial loss to farmers) के साथ-साथ मानसिक तनाव भी हो रहा है. प्रशासन (Administration) से कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई (no concrete action) नहीं हुई है, जिससे गांव में गुस्सा और अविश्वास गहराता जा रहा है. कलेक्टर को दिए गए आवेदन में विजय जायसवाल, रामजी गुप्ता, राजेश जायसवाल, प्रेमसागर जायसवाल और कई अन्य ग्रामीणों ने पटवारी को तुरंत हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन किसानों का दर्द (District administration is facing the pain of farmers) सुनेगा या भ्रष्टाचार एक बार फिर फाइलों (Corruption once again on the files) में दफन हो जाएगा।





