---Advertisement---

ज़मीन खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले: अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा ट्रांसफर

By: संवाददाता । विराट वसुंधरा

On: Wednesday, February 11, 2026 6:14 AM

Google News
Follow Us
---Advertisement---
🕒 Updated: 11 Feb 2026, 06:14 AM

ज़मीन खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले: अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा ट्रांसफर

 

Land Registration New Rules 2026:  ज़मीन (land) और प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों (property related rules)  में बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं। सालों से चला आ रहा मुश्किल और समय लेने वाला रजिस्ट्री सिस्टम (registry system) अब पूरी तरह बदलने वाला है। पहले जहाँ ज़मीन खरीदने के बाद रजिस्ट्रेशन (registration) और फिर ट्रांसफर के लिए अलग-अलग ऑफिस के चक्कर (office affairs) लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह प्रोसेस कहीं ज़्यादा आसान, तेज़ और ट्रांसपेरेंट (transparent)  हो गया है। सरकार का यह कदम आम लोगों के लिए राहत भरा साबित (proved to be a relief) हो रहा है और इसे रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा (Confidence in the real estate sector) बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

नए सिस्टम (new systems) का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि अब ज़मीन का रजिस्ट्रेशन (land registration)  होते ही ज़मीन के ट्रांसफर का प्रोसेस (transfer process) अपने आप शुरू हो जाता है। इसका मतलब है कि खरीदार को मालिकाना हक़ पाने के लिए महीनों इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल टेक्नोलॉजी (digital technology) की मदद से सरकार ने पूरे प्रोसेस (को एक कर दिया है, जिससे भ्रष्टाचार, देरी और गैर-ज़रूरी खर्चों पर भी रोक लगेगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पुराने रजिस्ट्री सिस्टम में क्या दिक्कतें थीं?

पहले के सिस्टम में, ज़मीन या घर खरीदने के बाद, सबसे पहले सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस (Sub-Registrar’s Office)  में उसका रजिस्ट्रेशन (registration)  कराना होता था। उसके बाद, ट्रांसफर के लिए तहसील या रेवेन्यू डिपार्टमेंट (Tehsil or Revenue Department for transfer) में अलग से एप्लीकेशन (Application) देनी होती थी। यह दूसरा प्रोसेस अक्सर बहुत धीमा होता था और कई मामलों (many cases)  में महीनों या सालों तक पेंडिंग रहता था।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

लैंड रजिस्ट्रेशन न्यू रूल्स 2026 में क्या बदला है

नए नियमों (new rules) के तहत, रजिस्ट्री और ट्रांसफर को एक ही प्रोसेस (One process for transfer) में मिला दिया गया है। अब, जैसे ही ज़मीन की रजिस्ट्री पूरी होती है, मालिक का नाम डिजिटल लैंड रिकॉर्ड सिस्टम में अपडेट (Updates to the Digital Land Records System) हो जाता है। इसका मतलब है कि अलग से ट्रांसफर के लिए अप्लाई करने की ज़रूरत नहीं होगी।

 

 

 

 

 

 

सरकार ने इसके लिए मॉडर्न IT सिस्टम, ऑनलाइन पोर्टल और डेटाबेस को आपस में जोड़ा है। रजिस्ट्री ऑफिस और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड (Revenue Department records) अब आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे डेटा तुरंत अपडेट हो जाता है। लैंड रजिस्ट्रेशन न्यू रूल्स (Registration New Rules) 2026 के बाद, ज़मीन से जुड़े रिकॉर्ड ज़्यादा सही और भरोसेमंद (reliable ) हो गए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

नए नियमों के तहत ज़रूरी शर्तें

नए सिस्टम (new systems)  का फायदा उठाने के लिए खरीदने (buy to take advantage) वाले और बेचने वाले दोनों के पास वैलिड आधार कार्ड (Valid Aadhaar Card) और पहचान के डॉक्यूमेंट (document) होने चाहिए। प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड साफ (Clear property records)  और झगड़ों से मुक्त (free from quarrels) होना चाहिए। अगर ज़मीन पर कोई कानूनी मामला या बकाया लोन (Legal matters or outstanding debts)  है, तो उसे पहले निपटाना होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस कैसा होगा

सबसे पहले संबंधित राज्य के रजिस्ट्रेशन (Related State Registration) या लैंड रिकॉर्ड पोर्टल (Land Records Portal) पर जाना होगा। वहां यूजर रजिस्ट्रेशन से लॉगिन ID (Login ID from User Registration) बन जाती है। उसके बाद प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी भरनी (Fill in property information) होती है और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड (Upload the required documents) करने होते हैं।

 

डिजिटल माध्यम से फीस भरने के बाद आपको एप्लीकेशन नंबर मिलता है। इस नंबर से एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। सभी स्टेप्स पूरे होने के बाद ट्रांसफर का डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment