MP News: संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की चेतावनी: सात दिन में मांगें नहीं मानी तो करेंगे काम बंद प्रदर्शन

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की चेतावनी: सात दिन में मांगें नहीं मानी तो करेंगे काम बंद प्रदर्शन
भोपाल। प्रदेश के सरकारी अस्पताल में पदस्थ संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने शासन को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो वह काम बंद प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि भोपाल सहित प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी जैसे डाटा एंट्री आपरेटर, सफाई कर्मचारी, एंबुलेंस ड्राइवर, वार्डबाय, सुरक्षा गार्ड, आया और अन्य तकनीकी स्टाफ को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा।
कई जिलों में यह स्थिति इतनी गंभीर है कि वेतन के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान लंबित है। राजधानी के मॉडल अस्पताल जेपी(Model Hospital JP) में संविदा कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला। जिला धार और पाली में कई कर्मचारियों को छह माह से वेतन नहीं दिया गया। राजगढ़ जिले में कई कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला। शुजालपुर में विद्युत श्रमिकों को 11 महीने से वेतन का भुगतान लंबित। छतरपुर जिले के कर्मचारियों को सात माह से वेतन नहीं मिला।
दमोह जिले में चार महीने से वेतन बकाया। कोमल सिंह ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आर्थिक तंगी से परेशान हैं। कई जिलों में दो साल से भी ज्यादा समय से आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा कर्मचारियों का वेतन रोका गया है।
संघ की मांगें
कर्मचारियों का बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए।
सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
आउटसोर्सिंग कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए और भुगतान में पारदर्शिता लाई जाए।
ईपीएफ और अन्य लंबित देयों का जल्द भुगतान हो।