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नगर निगम सिंगरौली में स्वच्छता व्यवस्था फेल

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🕒 Updated: 10 Feb 2026, 09:37 AM

नगर निगम सिंगरौली में स्वच्छता व्यवस्था फेल

निगम परिसर से लेकर बाजार–चौराहों तक शौचालय बदहाल

गंदगी–बदबू से जनता परेशान, सामग्री खरीदी और निगरानी पर सवाल

स्वास्थ्य अधिकारी की भूमिका पर उठे गंभीर प्रश्न

SINGRAULI NEWS:  नगर निगम सिंगरौली की स्वच्छता व्यवस्था (sanitation system) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ (come under question) गई है। नगर निगम परिसर (Municipal Corporation Complex)  सहित शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर स्थापित सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब (The condition of the public toilets is very poor.) बताई जा रही है। नियमित सफाई न होने (lack of regular cleaning) से गंदगी और बदबू फैल (the smell is spreading)  रही है, जिससे आम नागरिकों (ordinary citizens) , व्यापारियों (traders) और राहगीरों (passersby) को भारी परेशानी का सामना करना (face great trouble)  पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई शौचालयों (Multiple toilets as per) में न तो समय पर सफाई होती है और न ही पानी व सैनिटेशन की पर्याप्त व्यवस्था (Adequate water and sanitation facilities) है। दुर्गंध के कारण आसपास बैठना या दुकान चलाना तक मुश्किल हो गया है। गर्मी और हवा के मौसम में इन हालातों से संक्रामक बीमारियों (infectious diseases caused by conditions) का खतरा भी बढ़ गया है।

 

 

 

 

खरीदी प्रक्रिया पर भी सवाल
सूत्रों का कहना है कि नगर निगम में स्वास्थ्य व सफाई (Health and sanitation in the municipal corporation) से संबंधित सामग्रियों की खरीदी (purchase of related materials) को लेकर भी असंतोष है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया  (procurement process) में पारदर्शिता का अभाव है और ज़रूरत के अनुरूप गुणवत्ता वाली सामग्री जमीन पर नजर नहीं आ रही, जबकि कागजों में व्यवस्था दुरुस्त बताई जाती है।
स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी पर चर्चा
इन परिस्थितियों में नगर निगम  (Municipal Corporation in circumstances) के स्वास्थ्य अधिकारी बाल गोविंद चतुर्वेदी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ (Questions were also raised on the working style of Govind Chaturvedi.)  रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद शौचालयों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा, जिससे निगरानी और निरीक्षण की प्रभावशीलता (effectiveness of inspection) पर संदेह पैदा हो रहा है।
कार्रवाई की मांग
शहरवासियों और व्यापारियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि:

 

 

सार्वजनिक शौचालयों की नियमित और प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए
सामग्री खरीदी की जांच व ऑडिट कराई जाए
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और जनता को कब राहत मिलती है।

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