राजपाल यादव: तिहाड़ से रिहाई का रास्ता साफ, पेपरवर्क की वजह से जेल की रात एक दिन बढ़ी
New Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने चेक बाउंस केस (check bounce case) में बॉलीवुड एक्टर (bollywood actor) राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम बेल दे दी है। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच ने यह ऑर्डर (order) तब दिया जब कोर्ट को दोपहर 3 बजे बताया गया कि एक्टर ने शिकायत (Actor complained) करने वाली कंपनी के अकाउंट में ₹1.5 करोड़ जमा कर दिए हैं। हालांकि, ₹1 लाख की बेल पर रिहा होने के ऑर्डर के बावजूद बेल बॉन्ड (bail bond despite order) भरने में देरी की वजह से उन्हें आज रात तिहाड़ जेल में बितानी (Spending the night in Tihar Jail) होगी।
यह केस साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म (Movie) ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (Projects Private Limited) से ₹5 करोड़ का लोन लिया था। इंटरेस्ट (interest) मिलाकर यह रकम बढ़कर ₹11 करोड़ से ज़्यादा हो गई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें पेमेंट (Karkardooma Court made the payment to him.) के लिए दिया गया चेक बाउंस करने के लिए दोषी ठहराया था और भारी फाइन लगाया था। हाई कोर्ट के हाल ही में सरेंडर (Recent surrenders) करने के ऑर्डर के बाद से वह जेल में थे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट (Court during hearing) ने राजपाल यादव के पिछले बर्ताव पर भी कड़ी टिप्पणी (harsh comment) की। कोर्ट ने याद दिलाया कि हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भी चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां भी कोई राहत नहीं मिली। उन्हें 18 मार्च तक बेल मिली है और कुछ समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट उनके जमा किए गए अमाउंट (amount) और एग्रीमेंट की शर्तों (Terms of the agreement) के आधार पर आगे का फैसला करेगा।





