Rewa MP यहां किसान ‘भीख नहीं न्याय मांग रहा है’ लेकिन शासन सत्ता खामोश है,,
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रीवा जिले के सेवा सहकारी समिति उमरी तहसील सिरमौर से एक ऐसी खबर सामने आई है जो प्रशासनिक सिस्टम को शर्मसार करती दिखाई दे रही है सरकार भले ही चाहे कितना दावा करें कि अन्नदाता किसानों की भलाई के लिए काम कर रही है लेकिन सरकारी दावों को अधिकारियों कर्मचारियों जिम्मेदारों द्वारा खुलेआम कुचला चला जा रहा है खाद के लिए किसान जिस तरह से परेशान हो रहा है और लूट का शिकार हो रहा है यह किसी से छिपा नहीं है आए दिन मीडिया में ऐसी खबरें चलना आम बात हो चुकी है। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि मौके पर एसडीएम भी थीं लेकिन उन्हें किसानों के साथ हो रही लूट दिखाई नहीं दे रही थी तब किसानों ने एसडीएम पर भी निशाना साधा है।
क्षेत्र के समाजसेवी चतुर प्रसाद गौतम जब सेवा सहकारी समिति उमरी तहसील क्षेत्र सिरमौर पहुंचे वहां किसानों की हालत और परेशानी देखकर पूरी घटना को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया वीडियो में देखा जा सकता है कि किसान कहते हैं कि खाद के लिए उन्होंने ₹300 से लेकर ₹500 में टोकन खरीदा है 265 रुपए वाली खाद उन्हें₹1000 में बेची गई है इतना ही नहीं टोकन की बिक्री कार्यालय से हटकर एक बगीचे में की जा रही थी जब वहां चतुर गौतम पहुंचे तब टोकन बेचने का बाजार बंद करके खाद माफिया भाग निकले।
किसानों द्वारा समिति के कर्मचारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर खाद की कालाबाजारी और अधिक दाम पर खाद बेच कर लूट करने का आरोप लगाया गया है यहां तक की भ्रष्ट अधिकारियों और एक खास व्यक्ति को किसानों से खाद के नाम पर लूट करने के लिए कहा जा रहा है हालत यह है कि दलालों द्वारा किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाने दाम पर टोकन और खाद बेची जा रही है।
सिरमौर क्षेत्र के किसान इस घटना से काफी दुखी हैं और परेशान है वीडियो में आप सुन भी सकते हैं कि आक्रोशित किसानों द्वारा भ्रष्ट लोगों के लिए अपशब्द भी बोले जा रहे हैं किसानों ने कहा कि खाद के नाम पर लूट अगर बंद नहीं हुई तो आने वाले समय में किसान आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।





