Rewa MP:गैस संकट पर सियासत गरम, लेकिन विपक्ष खामोश? बढ़ती कीमतों और किल्लत से जनता परेशान!
रीवा।देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। घरेलू बजट पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर के दामों में हालिया बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। बाजार में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर में करीब 115 रुपये की बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं में मायूसी का माहौल है।
इधर कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता भी प्रभावित बताई जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। महंगाई से जूझ रही जनता अब सरकार के महंगाई नियंत्रण के दावों पर सवाल उठाने लगी है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब पहले पेट्रोल, डीजल या गैस के दामों में मामूली बढ़ोतरी होती थी तो राजनीतिक दल सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते थे। उस समय गैस सिलेंडर सड़कों पर रखकर प्रदर्शन किए जाते थे और महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की जाती थी।
लेकिन वर्तमान स्थिति में गैस की किल्लत और कीमतों में एक साथ बढ़ोतरी के बावजूद मुख्य विपक्षी दल की सक्रियता कम दिखाई दे रही है। खासकर रीवा जिले में विपक्ष की चुप्पी को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर विपक्ष को जनता की आवाज बनकर सड़क से लेकर सदन तक अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
फिलहाल गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों के बीच जनता राहत की उम्मीद लगाए बैठी है, वहीं राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।





