शेयर बाजार में कल की ऐतिहासिक उबाल बरकरार, सेंसेक्स 76500 और निफ्टी 23700 के पार
SHARE MARKET: शेयर बाज़ार (stock market) में तेज़ी जारी रही। सेंसेक्स (Sensex) 76,368 और निफ्टी 23,633 पर खुला। एशियाई बाज़ार मज़बूत, US फेड के इंटरेस्ट रेट के फ़ैसले (US Fed interest rate decisions) का इंतज़ार, तेल और सोना स्थिर (gold stable) रहे।
बुधवार सुबह शेयर बाज़ार (morning stock market) में बढ़त जारी रही। घरेलू सेंसेक्स (domestic sensex) 296 पॉइंट बढ़कर 76,368 पर खुला, जबकि निफ्टी-50 51 पॉइंट उछलकर (bouncing points) 23,633 पर शुरू हुआ। कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 500 पॉइंट बढ़कर 76,571 पर और निफ्टी 140 पॉइंट बढ़कर 23,740 पर ट्रेड कर रहा था। आज के कारोबारी दिन की शुरुआत में एशियाई बाज़ारों में मज़बूती (Asian markets are strong) दिखी, जबकि मंगलवार को US बाज़ार बढ़त (US market lead) के साथ बंद हुए थे।
एशियाई मार्केट में तेजी
बुधवार को एशियाई मार्केट (Asian market on Wednesday) में बढ़त रही। जापान का निक्केई 225 1.38 परसेंट बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 0.95 परसेंट बढ़ा। साउथ कोरिया का कोस्पी 2.8 परसेंट और कोस्डैक 1.66 परसेंट बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स (Hong Kong’s Hang Seng Index Futures) ने भी बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत दिया। इंडियन निफ्टी फ्यूचर्स (Indian Nifty Futures) पिछले क्लोजिंग प्राइस (closing price) से 21 पॉइंट्स के प्रीमियम (points premium) पर 23,639 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जिससे घरेलू मार्केट (domestic market) के लिए पॉजिटिव सिग्नल (positive signal) मिला।
वॉल स्ट्रीट थोड़ी बढ़त के साथ बंद हुआ
वॉल स्ट्रीट मंगलवार को थोड़ी बढ़त के साथ बंद हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 0.10 परसेंट बढ़कर 46,993 पर, S&P 500 0.25 परसेंट बढ़ा और नैस्डैक 0.47 परसेंट बढ़कर 22,479.53 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (American Petroleum Institute) के डेटा के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (Fall in crude oil prices) आई है, जबकि कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ (Crude oil stocks rise) रहा है। ब्रेंट क्रूड 1.11 प्रतिशत गिरकर $102.27 प्रति बैरल और US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (US West Texas Intermediate) 1.6 प्रतिशत गिरकर $94.67 प्रति बैरल पर आ गया।
कुल मिलाकर, घरेलू (domestic) और एशियाई बाज़ारों में तेज़ी (Asian markets rise) दिखी है, जबकि US फेड पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (international crude oil) और सोने की कीमतों का निवेशकों (investors of gold prices) पर असर पड़ रहा है।





