सिंगरौली नगर निगम में जंग: कमिश्नर सविता प्रधान के रवैये से पार्षद हैरान, मेयर पर सुस्ती का आरोप
SINGRAULI NEWS: नगर निगम सिंगरौली (Municipal Corporation Singrauli) की काउंसिल (council) की दो दिन की मीटिंग के आखिरी दिन निगम कमिश्नर सविता प्रधान ने मेयर को कड़े शब्दों में आईना दिखाते हुए कहा कि शहरी विकास (urban development) और सरकारी योजनाओं (government schemes) को लागू करना पहली प्राथमिकता है. कमिश्नर (commissioner) के इस बयान से कई पार्षद भी हैरान रह गए.
नगर निगम काउंसिल (Municipal Council) की मीटिंग (Meeting) शुक्रवार को हुई थी. जहां करीब 12 महीने काउंसिल की मीटिंग (council meeting) न बुलाने पर मेयर रानी अग्रवाल ने सीधे MIC सेक्रेटरी, कमिश्नर और ननि चेयरमैन को लपेटे में लिया और सारा दोष उन पर डालने की कोशिश की. लेकिन MIC सेक्रेटरी ने मेयर के सवालों का जवाब देते हुए बारी-बारी से काउंसिल मीटिंग (council meeting) के आयोजन को लेकर हुई बातचीत को सामने रखा. रही-सही कसर निगम कमिश्नर ने पूरी कर दी. काउंसिल मीटिंग में निगम कमिश्नर (Corporation Commissioner at the council meeting) ने जिस लहजे में सवाल का जवाब दिया, उसे सुनकर काउंसिल (council) में मौजूद हर कोई हैरान रह गया. कमिश्नर ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 50 परसेंट रिजर्वेशन इसलिए दिया है ताकि महिलाएं जागरूक हों और अपने अधिकारियों को अच्छी तरह से समझ सकें. मेयर खुद फैसले नहीं लेतीं।
वह नस्थियों को अपने घर ले जाती हैं। कमिश्नर के बयान (Commissioner’s statement) से साफ है कि मेयर और कमिश्नर के बीच रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं या यह मान लिया जाए कि निगम कमिश्नर बिना किसी दखल के साफ-साफ बोल रहे हैं और उनकी बातों से लग रहा था कि वह शहर के विकास (city development) के लिए कमिटेड हैं। लेकिन नगर निगम की आपसी लड़ाई के आगे विकास का काम प्रभावित (development work affected) हो रहा है।





