संतों और ब्राह्मणों पर अत्याचार करने वालों में मुगलों और अंग्रेजों से आगे निकल गए CM योगी आदित्यनाथ: एड प्रवीण पाण्डेय,,
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मामला अभी और उलझता जा रहा है मौनी अमावस्या पर राजसी स्नान की तरह जुलूस निकालने पर पुलिस प्रशासन ने ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को संगम के पहले रोक दिया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई थी पुलिस ने बल का प्रयोग भी किया था इसको लेकर संगम पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी इस घटना को लेकर मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया था तो वहीं शंकराचार्य के समर्थकों द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर संतों का अपमान करने का आरोप लग रहा है।
इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर प्रवीण पांडेय द्वारा मेला प्रबंधन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहे हैं कि योगी आदित्यनाथ का अत्याचार अंग्रेजों और मुगलों से भी अधिक है यहां साधु संतों और ब्राह्मणों पर अत्याचार किया जा रहा है गंगा स्नान से रोका जा रहा है उधर उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरी नोटिस देकर 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया है।





