UPI Rules: UPI के नियम बदले, तीन महीने से बंद नंबर पर नहीं होगा ट्रांजैक्शन; जानें नया नियम

UPI के नियम बदले, तीन महीने से बंद नंबर पर नहीं होगा ट्रांजैक्शन; जानें नया नियम
UPI Rules: अगर आपका मोबाइल नंबर पिछले तीन महीने से बंद है, तो अब आप UPI ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 1 अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के नियमों में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट फ्रॉड को रोकना है।
NPCI ने सभी बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) और थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स को निर्देश दिया है कि वे उन मोबाइल नंबरों से UPI ट्रांजैक्शन को बंद कर दें, जो तीन महीने से इनएक्टिव हैं। इसका कारण यह है कि टेलीकॉम कंपनियां 90 दिनों तक बंद रहने वाले मोबाइल नंबरों को दूसरे ग्राहकों को अलॉट कर देती हैं। इससे उन बैंक अकाउंट्स में फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है, जो पुराने नंबर से लिंक रहते हैं।
कैसे काम करेगा नया नियम?
NPCI के नए नियमों के अनुसार, तीन महीने तक बंद रहने वाले मोबाइल नंबरों को मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (MNRL) में डाला जाएगा। बैंकों और UPI एप्स को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केवल अधिकृत व्यक्ति ही UPI एक्सेस कर सके। बैंक और डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर अपने डेटा को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) में हर हफ्ते अपडेट करेंगे। इससे पुराने और दोबारा जारी किए गए नंबरों की पहचान होगी, जिससे गलत ट्रांजैक्शन और फ्रॉड के मामले कम होंगे।
UPI यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
अगर आपका मोबाइल नंबर बंद है, तो उसे UPI सिस्टम से अपने आप हटा दिया जाएगा।
UPI सेवा बंद करने से पहले यूजर्स को अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा।
यदि चेतावनी के बावजूद नंबर इनएक्टिव रहता है, तो उसे UPI सिस्टम से स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।
NPCI ने क्यों लिया यह फैसला?
साइबर फ्रॉड(cyber fraud) को रोकने के लिए NPCI ने यह कदम उठाया है।
telecom companies 90 दिनों तक इनएक्टिव नंबरों को नए ग्राहकों को अलॉट कर देती हैं।
इससे अगर पुराना ग्राहक अपना नंबर अपडेट नहीं करता, तो नया व्यक्ति उस नंबर से लिंक बैंक अकाउंट तक पहुंच सकता है।
यह UPI फ्रॉड और अनाधिकृत ट्रांजैक्शन का एक बड़ा कारण बन सकता है।
Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे सभी UPI ऐप्स को हर हफ्ते इनएक्टिव नंबरों को सिस्टम से हटाने के निर्देश दिए गए हैं।