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देश में सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर बड़ा टैक्स बढ़ा; अब हर कोशिश महंगी पड़ेगी, पान मसाला फैक्ट्रियों में CCTV और नए सख्त नियम ज़रूरी

By: संवाददाता । विराट वसुंधरा

On: Saturday, February 7, 2026 11:45 AM

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🕒 Updated: 07 Feb 2026, 11:45 AM

देश में सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर बड़ा टैक्स बढ़ा; अब हर कोशिश महंगी पड़ेगी, पान मसाला फैक्ट्रियों में CCTV और नए सख्त नियम ज़रूरी

New Delhi:  केंद्र सरकार (Central government) ने 2026 से सिगरेट (Cigarette) और तंबाकू प्रोडक्ट्स (tobacco products) पर नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर (New excise duty structure)  लागू किया है, जिससे इनकी कीमतों में भारी उछाल (huge jump in prices) आया है। नए सिस्टम (new systems) के तहत, पुराना कम्पेनसेटरी सेस हटा दिया गया है और सिगरेट की लंबाई (cigarette length) के आधार पर हर स्टिक पर 40 परसेंट का GST और एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (Additional Excise Duty) लगाई गई है। यह एक्स्ट्रा बोझ अब 65 mm तक की शॉर्ट फिल्टर सिगरेट (short filter cigarette) पर लगभग ₹2.10 प्रति स्टिक और प्रीमियम लॉन्ग सिगरेट (Premium Long Cigarette) पर ₹5.40 प्रति स्टिक हो जाएगा। सरकार का यह कदम भारतीय तंबाकू टैक्स सिस्टम (Steps in the Indian Tobacco Tax System) को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization)  (WHO) के 75 परसेंट टैक्स बोझ के ग्लोबल बेंचमार्क (global benchmark) के करीब लाने के लिए है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

चबाने वाले तंबाकू,(chewing tobacco)  खैनी (Khaini) और गुटखा जैसे प्रोडक्ट्स (Products like gutkha)  के लिए अब ‘MRP बेस्ड वैल्यूएशन’ सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत टैक्स अब मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट (manufacturing cost) के बजाय पैकेट (instead of packets)  पर छपी रिटेल कीमत (printed retail price) पर लगाया जाएगा। पान मसाला पर नया ‘हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस’ (Health and National Security Cess) लागू होने से, कुल टैक्स का बोझ 88 परसेंट तक पहुंच सकता है, जबकि गुटखा (Gutkha) पर यह 91 परसेंट तक होगा। इसके अलावा, अब पान मसाला बनाने वालों के लिए अपनी मशीनों (machines) पर CCTV कैमरे लगाना ज़रूरी कर दिया गया है, जिसकी रिकॉर्डिंग उन्हें 24 महीने तक सुरक्षित रखनी (keep safe) होगी। इस कदम का मकसद टैक्स चोरी रोकना (Objective: To stop tax evasion) और प्रोडक्शन पर नज़र (look at production) रखना है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

CRISIL रेटिंग्स की लेटेस्ट रिपोर्ट (Latest ratings report) के मुताबिक, इस भारी टैक्स बढ़ोतरी (huge tax hike) की वजह से अगले फाइनेंशियल ईयर में घरेलू सिगरेट इंडस्ट्री (Domestic cigarette industry in the financial year)  की बिक्री में 6 से 8 परसेंट की गिरावट आने की संभावना (likely to decline) है। जबकि सरकार पब्लिक हेल्थ (Government Public Health)  और रेवेन्यू बढ़ाने पर ध्यान (Focus on increasing revenue) दे रही है, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी (Experts warned) दी है कि लीगल सिगरेट (legal cigarettes)  के महंगे होने से गैर-कानूनी स्मगलिंग (Illegal smuggling due to high cost) और नकली प्रोडक्ट्स का मार्केट (counterfeit products market) बढ़ सकता है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने साफ (Despite this, the central government has clearly) कर दिया है कि मशीनों की संख्या (number of machines) और प्रोडक्शन कैपेसिटी की जानकारी छिपाने (Hiding information about production capacity) वाले मैन्युफैक्चरर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई (Strict action against manufacturers) की जाएगी।

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