---Advertisement---

Bhopal MP:मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी, 31 जिलों में नाबालिग भी बन गए वोटर, चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर ने पकड़ी चोरी!

Google News
Follow Us
---Advertisement---
🕒 Updated: 26 Mar 2026, 01:00 AM

Bhopal MP:मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी, 31 जिलों में नाबालिग भी बन गए वोटर, चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर ने पकड़ी चोरी!

 

 

 

भोपाल। मतदाता सूची के शुद्धीकरण को लेकर 22 साल बाद मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया की। मृत, दो स्थानों पर नाम और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की तीन श्रेणियों को मिलाकर कुल 42 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए। एक करोड़ से अधिक ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए, जिनके गणना पत्रक में कई गलतियां थीं। सुधार करके अंतिम सूची जारी की गई लेकिन शुद्धीकरण का काम भी साथ-साथ चलता रहा। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से देखा गया तो 31 जिलों में 160 मतदाता ऐसे पाए गए, जिनकी आयु 13 से 16 साल तक थी।

 

 

 

टाइपिंग की गलती से नाबालिग हुए मतदाता
जिला निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से पड़ताल कराई गई, जिसमें यह सामने आया कि आवेदन ऑनलाइन करने में टाइपिंग की त्रुटि हुई। 79 प्रकरणों में सुधार कराया गया है और बाकी में प्रक्रिया चल रही है।

प्रदेश में एसआइआर की प्रक्रिया में 1,01,33,741 मतदाता ऐसे पाए गए थे, जिन्होंने अपने गणना पत्रक में स्वयं के नाम, माता-पिता के नाम, उपनाम सहित अन्य त्रुटियां सामने आई थीं। इन्हें नोटिस देकर सुधार कराया गया। सूची में सुधार सतत चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए सॉफ्टवेयर पर सर्च के दौरान उन मतदाताओं को चिह्नित किया, जिनकी आयु मतदाता होने के लिए निर्धारित पात्रता आयु 18 वर्ष से कम थी।

 

 

 

सुधार के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश
ऐसे मामले एक या दो नहीं बल्कि 31 जिलों में सामने आए। इसके बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित मतदाताओं से संपर्क करके उनके दस्तावेज से आयु का मिलान करें।
यदि पात्रता आयु से कम आयु प्रमाणित होती है तो उनके नाम सूची से हटाने के लिए फार्म-सात भरवाएं और यदि कोई त्रुटि हुई है तो फिर फार्म-आठ लेकर सुधार की प्रक्रिया करें। इस प्रक्रिया में अब तक 79 मतदाताओं के रिकॉर्ड में जो गड़बड़ी है, उसमें सुधार किया जाए।

 

 

 

अधिकारियों का पक्ष और उदाहरण
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन का कहना है कि मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए चुनाव आयोग लगातार काम कर रहा है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से जब इस काम को किया गया तो यह त्रुटि पकड़ में आई।

उदाहरण के लिए सतना के शनि ने गणना पत्रक में आयु 11 नवंबर, 1994 दर्ज थी लेकिन इसे ऑनलाइन दर्ज करने में यह तिथि 8 जून 2012 हो गई। इससे वह नाबालिग हो गया। 79 मामलों में सुधार की प्रक्रिया कर ली गई है। सभी निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो मामले सामने आए हैं, उनके मूल आवेदन और ऑनलाइन प्रविष्टि की जांच करें।

 

 

 

इन जिलों में सामने आए मामले
खंडवा, बुरहानपुर, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, कटनी, जबलपुर, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, रायसेन, विदिशा और भोपाल।

 

 

 

SIR के दौरान इन जिलों में गड़बड़ी पाई गई
जिला – त्रुटियों की संख्या
इंदौर – 6,78,739
सागर – 3,95,200
मुरैना – 3,65,584
भोपाल – 3,59,575
जबलपुर – 3,37,554
ग्वालियर – 3,33,164
रीवा – 3,27,231
धार – 3,10,752
छतरपुर – 3,01,943
खरगोन – 2,77,321
झाबुआ – 2,63,981
शिवपुरी – 2,54,433
उज्जैन – 2,49,861
बड़वानी – 2,49,779

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

March 26, 2026

Leave a Comment