बोर्ड ऑफिस से नादरा तक सड़कों पर रेंगता ट्रैफिक, ऑटो-ई-रिक्शा वालों के दबदबे से आम लोग परेशान, यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल?
BHOPAL NEWS: राजधानी के प्रमुख चौराहों (Major intersections of the capital) पर सवारियां भरने (filling passengers) के लिए ऑटो और ई-रिक्शा (e-rickshaw) वाले हर दिन सड़कों पर ट्रैफिक जाम (traffic jam on the roads during the day) लगा रहे हैं। बोर्ड ऑफिस (board office) , नादरा बस स्टैंड, कोलार डी-मार्ट, ललिता नगर समेत प्रमुख चौराहों पर यह समस्या (This problem occurs at major intersections.) अब आम हो गई है।
बोर्ड ऑफिस चौराहे से प्रगति चौराहे (Board Office Square to Pragati Square) तक जाने वाले रूट पर खासकर शाम के समय ये छोटे वाहन आधी से ज्यादा सड़कों पर कब्जा (occupy the streets) कर लेते हैं। इससे जहां सड़क हादसों का खतरा बढ़ता (The risk of road accidents increases) है, वहीं हर दिन ट्रैफिक जाम की समस्या (traffic jam problem) भी पैदा हो रही है। इसी रूट के मोड़ पर वाहन चालक अपनी गाड़ियों में सवारियां (passengers in trains) भरने की होड़ में नजर आते हैं। देर शाम पीक आवर्स में लोग निकलते हैं, इसलिए उन्हें हर दिन लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ (facing a problem) रहा है। विराट वसुंधरा समाचार इस समस्या को लगातार उठाता रहा है।
बोर्ड ऑफिस चौराहे (Board Office Square) से कोलार, 12 नंबर, न्यूमार्केट, माता मंदिर, बिठल मार्केट की ओर जाने वाले ऑटो चालक अपनी गाड़ियों को मेन रोड पर देर तक पार्क करके ओवरलोडिंग करते हुए सवारियां भरते नजर (Passengers were seen overloading the vehicle) आते हैं। इस दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी (traffic policeman during) भी नदारद रहते हैं, जिससे इन सवारी गाड़ियों के चालकों का हौसला बढ़ गया है और वे अपनी मर्जी से ट्रैफिक जाम (Traffic jam at will) लगाते हैं।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने ट्रैफिक जाम (Traffic police officers cleared the traffic jam) की समस्या को लेकर समय-समय पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों (e-rickshaw drivers) के खिलाफ कार्रवाई भी की है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। चौराहे पर कहीं भी कानूनी पार्किंग की सुविधा नहीं (No legal parking facilities) दिखती है। नतीजतन, ये सवारी गाड़ी चालक हर दिन अपनी मनमानी कर रहे हैं।





