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ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी से दुनिया में दहशत, तेल की कीमतें $200 तक पहुंच सकती हैं, 1970 जैसा संकट

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🕒 Updated: 12 Mar 2026, 08:19 AM

ईरान की होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी से दुनिया में दहशत, तेल की कीमतें $200 तक पहुंच सकती हैं, 1970 जैसा संकट

ईरान और US-इज़राइल के बीच चल रहे तनाव (Tension) ने अब एक भयानक ग्लोबल इकोनॉमिक वॉर का रूप (A form of terrible global economic war) ले लिया है। ईरानी मिलिट्री हेडक्वार्टर ‘खतम अल-अंबिया’ के स्पोक्सपर्सन इब्राहिम ज़ोल्फ़करी (Spokesperson Ibrahim Zolfaqri) ने कड़ी चेतावनी (Stern warning) दी है कि जब तक उनकी सुरक्षा ठीक (security ok) नहीं हो जाती, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से तेल (Oil from the Strait of Hormuz) की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी जाएगी। ईरान ने साफ कर दिया है कि दुनिया को अब $200 प्रति बैरल क्रूड (barrel crude) के लिए तैयार रहना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि अगर यह रोक जारी रही, तो दुनिया को 1970 के दशक के बाद सबसे बड़े ‘ऑयल शॉक’ और इकोनॉमिक मंदी (economic recession) का सामना करना पड़ेगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव (tension in the Strait of Hormuz) तब और बढ़ गया जब ईरान ने तीन और मर्चेंट जहाजों को निशाना (Targeting merchant ships) बनाया। दुबई से भारत के कांडला पोर्ट (Kandla Port, India) आ रहे थाई कार्गो शिप ‘मयूरी नारी’ के इंजन रूम में भीषण आग लग गई। इस घटना में 20 नाविकों को बचा लिया गया है, लेकिन तीन अभी भी लापता हैं। इसके अलावा, जापानी जहाज़ ‘वन मैजेस्टी’ और मार्शल आइलैंड्स जहाज़ (marshall islands ship) पर भी मिसाइलें दागी गई हैं। ईरान ने साफ़ कर दिया है कि US या इज़राइली सहयोगियों (Israeli allies) से जुड़ा कोई भी टैंकर उनका ‘सही निशाना’ होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ईरान अब अपनी मिलिट्री स्ट्रैटेजी (military strategy) में बदलाव करते हुए एक एडवांस्ड ‘इकोनॉमिक ब्लॉकेड’ पर काम कर रहा है। ईरानी सेना छोटी नावों के ज़रिए समुद्र में नेवल माइंस बिछा (Laying naval mines in the sea) रही है, जिनका रडार से पता नहीं चलता। मिलिट्री प्रवक्ता के मुताबिक, तेल की कीमतें उस रीजनल सिक्योरिटी पर निर्भर (Oil prices depend on that regional security) करती हैं जिसे पश्चिमी ताकतों ने अस्थिर (forces destabilized) कर दिया है। हालांकि, इस संकट के बीच भारत के लिए राहत की बात यह है कि एक गैर-ईरानी तेल टैंकर सुरक्षित रूप (Non-Iranian oil tanker safely) से मुंबई पहुंचने में कामयाब रहा है, जो फिलहाल भारतीय तेल सप्लाई (Presently Indian oil supply) के लिए एक छोटी सी उम्मीद (a little hope) है।

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