ईरान की जंग की तैयारी और US का बड़ा कदम… क्या दुनिया पर मंडरा रहा तेल और जंग का संकट टल जाएगा?
ईरान की जंग की तैयारियों (war preparations) के बीच US ने होर्मुज की खाड़ी से एक तेल टैंकर को सुरक्षित (Securing the oil tanker) पार करा दिया है, जिससे तेल की कीमतें कम हो गई हैं, लेकिन मिसाइल (missile) बनाने में चीन की मदद से तनाव (Tension with the help of China) बढ़ रहा है।
मिडिल ईस्ट में जंग (war in the middle east) अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है, जहां पूरी दुनिया की सांसें थम (The world stops breathing) गई हैं और हर कोई शांति की दुआ कर रहा है। US प्रेसिडेंट (US President) डोनाल्ड ट्रंप लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि ईरान एक बहुत बड़े हमले की तैयारी कर रहा था, जिसे अब रोकना बहुत ज़रूरी है। तनाव के बीच, यूनाइटेड स्टेट्स ने होर्मुज (The United States has withdrawn its support for the Hormuz) की खाड़ी से एक तेल टैंकर (oil tanker) निकालकर दुनिया को राहत दी है, जिससे फ्यूल की कीमतें भी कम हो गई हैं। लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही कहती है, क्योंकि चीन से आने वाले संदिग्ध जहाज ईरान (suspicious ship iran) की मिसाइल ताकत बढ़ाने (increase missile power) में लगे हुए हैं।
ट्रंप की चेतावनी और न्यूक्लियर हमले का डर
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि अगर ईरान की न्यूक्लियर साइट्स (Iran’s nuclear sites) और मिसाइल लॉन्चर्स (missile launchers) को समय पर टारगेट नहीं किया गया होता, तो वह बहुत बड़ा हमला करते। ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर (Speaker of the Iranian Parliament) ने भी साफ़ कर दिया है कि उनका देश फिलहाल (country currently) किसी भी तरह के सीज़फ़ायर या युद्धविराम के पक्ष में बिल्कुल (absolutely in favor of a ceasefire) नहीं है। तेहरान पर लगातार हो रहे हमले इस बात का सबूत हैं कि अमेरिका को अब भी डर है कि ईरान में बड़ी तबाही मचाने की ताकत (the power to cause great destruction) है।
चीन का सपोर्ट और मिसाइल बनाना
एक ताज़ा रिपोर्ट (latest report) के मुताबिक, ईरान के दो बड़े जहाज़ ‘शबदीस’ और ‘बिरगिन’ चीनी पोर्ट से निकले हैं और दावा किया है कि उनमें संदिग्ध कंटेनर (suspicious container) भरे हुए हैं। इन जहाज़ों में ‘सोडियम परक्लोरेट’ नाम का केमिकल होने का शक (suspected to be a chemical) है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से मिसाइलों के लिए सॉलिड फ़्यूल (Solid fuel for missiles) बनाने में होता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये जहाज़ ईरान तक पहुँच पाएंगे या US नेवी इन्हें पिछले हफ़्ते डूबे ईरानी जहाज़ की तरह समुद्र (The sea is like a sunken Iranian ship.) में ही डुबो देगी।
तेल की कीमतों में गिरावट और राहत
युद्ध के इस माहौल (this atmosphere of war) में सबसे बड़ी राहत की खबर (news of great relief) यह है कि अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी से एक ज़रूरी तेल टैंकर को सुरक्षित (Securing the oil tanker) पार करा लिया है। इस घटना के तुरंत बाद, ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें अचानक गिर गईं, जिससे आम लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एयर इंडिया जैसी कंपनियों (Companies like Air India) ने पहले ही फ्यूल सरचार्ज (fuel surcharge) बढ़ा दिया है, जिससे हवाई यात्रा महंगी (air travel expensive) हो गई है, लेकिन तेल की नई कीमतें भविष्य (New oil prices future) को तय कर सकती हैं।





