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ईरानी हमलों से सऊदी अरब का सब्र जवाब दे गया, रियाद ने तेहरान को सीधी चेतावनी दी – कहा कि सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बंद करो वरना ईरान को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा

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🕒 Updated: 09 Mar 2026, 10:28 AM

ईरानी हमलों से सऊदी अरब का सब्र जवाब दे गया, रियाद ने तेहरान को सीधी चेतावनी दी – कहा कि सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बंद करो वरना ईरान को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा

ईरान के खाड़ी देशों में सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर (Civilian infrastructure in the Gulf countries) , खासकर पीने के पानी के प्लांट (drinking water plants) और तेल की जगहों को निशाना बनाने के बाद सऊदी अरब गुस्से (saudi arabia anger) में है। सऊदी विदेश मंत्रालय (Saudi Foreign Ministry) ने एक कड़ा बयान जारी कर कहा है कि रिहायशी इलाकों (residential areas) और एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले इंटरनेशनल कानूनों का खुला उल्लंघन  (Missile attack on airport is a blatant violation of international laws) हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी  (Ministry warned) है कि अगर इन हमलों को तुरंत नहीं रोका गया, तो ईरान को बहुत गंभीर मिलिट्री (serious military) और आर्थिक नतीजे भुगतने (suffer economic consequences) होंगे। हाल ही में एक ईरानी प्रोजेक्टाइल के सऊदी (Saudis are receiving Iranian projectiles) के रिहायशी इलाके से टकराने (hitting a residential area) और कई आम लोगों के घायल होने के बाद से तनाव (Stress after injury) बहुत ज़्यादा है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सऊदी अरब (saudi arabia) ने ईरान के इस दावे  (This claim of Iran) को पूरी तरह से खारिज (rejected) कर दिया है कि रियाद ने दुश्मन के फाइटर जेट  (Riyadh shoots down enemy fighter jets) को अपने इलाके में उड़ने दिया है। सऊदी सरकार (saudi government) ने साफ किया कि उनके आसमान में देखे गए प्लेन सिर्फ GCC एयरस्पेस में पेट्रोलिंग (patrolling)  कर रहे थे और उसे ईरानी ड्रोन और मिसाइलों से बचा रहे थे। मंत्रालय (ministry) ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान की यह उकसाने वाली कार्रवाई समझदारी नहीं है और इससे इलाके में अस्थिरता (instability in the area) ही बढ़ेगी। सऊदी ने साफ़ कर दिया है कि वे अपनी सीमाओं और तटीय इलाकों की सुरक्षा पक्का (Ensuring security of coastal areas)  करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

 

 

 

 

 

 

 

सऊदी सरकार की नाराज़गी (Saudi government’s displeasure) की एक बड़ी वजह ईरान का वादा तोड़ना है। असल में, हाल ही में ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन (Recently, Iran’s President Masoud Pezeshkian) ने पड़ोसी देशों पर हमला (attack on neighboring countries) न करने का वादा किया था, लेकिन उसके तुरंत बाद सऊदी और दूसरे खाड़ी देशों पर ड्रोन हमले तेज़ हो गए। रियाद ने इसे धोखा बताते हुए कहा है कि ईरान की कथनी और करनी में बहुत फ़र्क है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि सऊदी की यह खुली धमकी (open threat)  इस बात का संकेत है कि खाड़ी देश अब ईरान के ख़िलाफ़ एक बड़ा और मिला-जुला मिलिट्री मोर्चा खोलने की तैयारी कर सकते हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध का दायरा बढ़ (The scope of the war in West Asia has increased.)  सकता है।

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