एयरटेल-ज़ीस्केलर मिलकर साइबर खतरों से निपटने के लिए रिसर्च सेंटर बनाएंगे
New Delhi, February 21: क्लाउड सिक्योरिटी सेक्टर (cloud security sector) की लीडिंग US कंपनी ज़ीस्केलर (Zyscaler) ने शुक्रवार को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर भारती एयरटेल (Telecom service provider Bharti Airtel) के साथ पार्टनरशिप (partnership) में भारत में एक AI और साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर शुरू (Cyber Threat Research Center launched) करने की घोषणा की।
एयरटेल ने एक प्रेस रिलीज़ (Airtel issued a press release) में कहा कि इस पहल से देश की नेशनल साइबर सिक्योरिटी कैपेबिलिटी (National Cyber Security Capability) को मज़बूत करने, टेलीकम्युनिकेशन (telecommunication) , बैंकिंग और एनर्जी जैसे इकोनॉमिक (economic like energy) और नेशनल सिक्योरिटी (National Security) के लिए ज़रूरी सेक्टर, इंडस्ट्री और एसेट्स की सेफ्टी पक्की (Assets safety ensured) करने, डिजिटल यूज़र्स की सुरक्षा (Protecting digital users) करने और देश की तेज़ी से बदलती डिजिटल इकॉनमी (digital economy) में भरोसेमंद AI अपनाने में मदद मिलेगी।
प्रेस रिलीज़ (press release) में कहा गया है, “इस सेंटर को “भारत में, भारत के लिए” की भावना के साथ डिज़ाइन (press release) किया गया है, जिसका मकसद देश की साइबर सिक्योरिटी (cyber security) को मज़बूत करना और ‘विकसित भारत’ और एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर भविष्य के लक्ष्य (self-reliant future goals) के लिए भविष्य के लिए तैयार टैलेंट को तैयार करना है।”
एयरटेल ने कहा है कि जैसे-जैसे खतरे ज़्यादा जटिल होते जा रहे हैं, पारंपरिक पेरिमीटर-बेस्ड सिक्योरिटी (self-reliant future goals) मॉडल अब काफ़ी नहीं हैं। ज़रूरी सेवाओं में रुकावट से देश की आर्थिक स्थिरता (based security) पर असर पड़ सकता है। इसलिए सुरक्षित और मॉडर्न आर्किटेक्चर (economic stability) ज़रूरी हो गया है।





