🕒 Updated: 01 Oct 2026, 04:46 PM
Mauganj MP:एसपी के खिलाफ समाजसेवी ने खोला मोर्चा,लगाए गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग; कार्रवाई नहीं हुई तो 10 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी!
मऊगंज। जिले की पुलिस व्यवस्था और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन की कार्यप्रणाली को लेकर समाजसेवी संतोष तिवारी ने मोर्चा खोल दिया है। तिवारी ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर मऊगंज के नाम अपर कलेक्टर पीके पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में तिवारी ने अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार को कथित संरक्षण, थाना एवं चौकी प्रभारियों की पदस्थापना और स्थानांतरण में कथित आर्थिक लेन-देन, पत्रकारों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच की मांग उठाई है।
थाना-चौकी प्रभारियों की पदस्थापना की भी जांच की मांग
संतोष तिवारी ने ज्ञापन में कहा है कि इन मुद्दों को लेकर वे पुलिस मुख्यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक को भी शिकायत दे चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल के दौरान थाना एवं चौकी प्रभारियों की पदस्थापना, स्थानांतरण और उनके कार्यकाल की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।
इसके साथ ही अवैध शराब और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की थाना-वार समीक्षा कराने की मांग भी की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतों पर पुलिस ने किस स्तर पर कार्रवाई की और किन मामलों में कार्रवाई लंबित रही।
संपर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की मांग
ज्ञापन में पुलिस अधीक्षक तथा शिकायत में उल्लेखित अन्य व्यक्तियों के बीच संपर्क या संचार से संबंधित कानूनी रूप से उपलब्ध रिकॉर्ड एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग भी की गई है।तिवारी का कहना है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच होती है तो उपलब्ध दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड और अन्य वैधानिक साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
पत्रकारों पर दर्ज मामलों को लेकर भी उठाए सवाल
समाजसेवी ने पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी की है। उनका आरोप है कि पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने वाले कुछ पत्रकारों पर दबाव बनाने अथवा उन्हें आपराधिक मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। तिवारी ने भी अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। ऐसे में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
‘गांवों तक पहुंच रहा नशा’—तिवारी
पत्रकारों से चर्चा के दौरान संतोष तिवारी ने जिले में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की कथित उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि गांवों तक गांजा और कोरेक्स जैसे नशीले पदार्थ पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
तिवारी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे इन मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलन करेंगे।
10 अक्टूबर से आमरण अनशन की चेतावनी
संतोष तिवारी ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो वे 10 अक्टूबर 2026 से कलेक्टर कार्यालय मऊगंज के सामने आमरण अनशन शुरू करेंगे।उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष के लिए नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास कायम करने की मांग को लेकर होगा।





