मिडिल ईस्ट वॉर के बीच सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल, सोना ₹1,600 बढ़कर ₹1.63 लाख के पार, निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े
GOLD AND SILVER PRICE: ग्लोबल जियोपॉलिटिकल (Global Geopolitical) अस्थिरता के कारण (due to instability) गुरुवार को घरेलू कमोडिटी मार्केट (domestic commodity market) में सोने की कीमतों में तेजी से उछाल (Gold prices rise sharply) आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना (delivery gold) ₹1,600 उछलकर ₹1,63,142 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में US, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकाने (safe haven for investors) की तलाश में सोने की ओर धकेल दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर में मजबूती और ग्लोबल अनिश्चितता (global uncertainty) के कारण सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी तेजी आई है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों (silver prices) में भी आज जबरदस्त चमक देखी गई। MCX पर चांदी करीब 2% की मजबूती के साथ ₹2,70,501 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट चांदी (Spot silver in the international market) 2.5% बढ़कर $85.12 प्रति औंस पर पहुंच गई। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी 24 कैरेट सोने की कीमतें ₹1,62,000 से ₹1,63,000 के बीच बनी हुई हैं। निवेशकों के बीच यह धारणा (This sentiment among investors) बन रही है कि जब तक युद्ध की स्थिति बनी रहेगी, कीमती धातुओं (precious metals) की कीमतें ऊंचे लेवल पर ही रहेंगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स (Market Experts) के मुताबिक, US फेडरल रिजर्व द्वारा इंटरेस्ट रेट (Interest rates set by the US Federal Reserve) में कटौती की संभावना कम होने और युद्ध से ग्लोबल सप्लाई चेन (Global Supply Chains from War) में रुकावट आने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सोना और चांदी हमेशा से निवेशकों (Silver always investors) की पहली पसंद रहे हैं। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold in the International Market) भी 1% बढ़कर $5,187 प्रति औंस के ऐतिहासिक लेवल (historical level) पर पहुंच गया है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव (tension in the middle east) और गहराता है, तो आने वाले दिनों में घरेलू मार्केट (domestic market) में शादियों के सीजन के बीच आम कंज्यूमर्स (Common consumers amid wedding season) के लिए ज्वेलरी खरीदना और भी महंगा (Buying jewelry is becoming more expensive) हो सकता है।





