Rewa MP:महापौर ने आयुक्त से पूछा- अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर अंकुश लगाने अब तक क्या किया: पत्र लिखकर मांगा पूरा विवरण!
महापौर अजय मिश्रा बाबा ने नगर निगम प्रशासन पर उठाए सवाल, नियमितीकरण, विकास शुल्क वसूली, दर्ज FIR की जानकारी मांगी,बोले- 2023 तक 109 कॉलोनियां नियमित, फिर भी नहीं रुका अवैध विस्तार
रीवा। शहर में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों को लेकर महापौर अजय मिश्रा बाबा ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आयुक्त को पत्र लिखकर अवैध कॉलोनियों की रोकथाम, नियमितीकरण, कॉलोनियों से विकास शुल्क की वसूली आदि के संबंध में जानकारी मांगी है।
“कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई”
दरअसल शहर में लगातार अवैध कॉलोनियां लगातार बसती जा रही हैं, लेकिन नगर निगम रोक नहीं लगा पा रहा है। जबकि कॉलोनी सेल का गठन भी हुआ, बावजूद इसके कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शहर में तेजी से अवैध कॉलोनियों के विस्तार से निगम को राजस्व नहीं मिल रहा है।
पत्र में मांगी ये जानकारी
महापौर ने आयुक्त को पत्र लिखकर चिन्हित अवैध कॉलोनियों की संख्या, नियमितीकरण हेतु प्राप्त आवेदकों की संख्या एवं स्वीकृत नियमितीकरण प्रकरण के अलावा दर्ज एफआईआर की संख्या उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र में उल्लेख है कि वर्ष 2023 तक नियमित की गई 109 कॉलोनियों के अतिरिक्त कितनी कॉलोनियां नियमित की गई हैं और अनियमित कॉलोनियों के विरुद्ध क्या वैधानिक कार्रवाई हो रही है, इसकी जानकारी दी जाए।
“नियमानुसार खुली भूमि नहीं छोड़ी”
इसके साथ ही नियमित की गई ऐसी कॉलोनियों की सूची उपलब्ध कराई जाए, जिन्होंने नियमानुसार खुली सार्वजनिक भूमि नहीं छोड़ी है। विकास शुल्क एवं बकाया राशि आदि की भी पत्र के माध्यम से जानकारी तलब की गई है।
एसडीएम कार्यालय की सूची पर क्या किया
महापौर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि एसडीएम कार्यालय से प्राप्त अवैध कॉलोनियों की सूची पर नगर निगम द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, इसकी बिन्दुवार जानकारी दी जाए। साथ ही कितनी कॉलोनियों की विकास अनुज्ञा जारी की गई उसकी सूची मांगी है।
रेस्टोरेशन की गुणवत्ता पर लिख चुके हैं पत्र
इसके पूर्व महापौर ने सीवर एवं जलप्रदाय प्रोजेक्ट में खोदी गई सड़कों के रेस्टोरेशन की गुणवत्ता को लेकर भी आयुक्त को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि सड़क रेस्टोरेशन एवं नाली निर्माण में घटिया मटेरियल और कम मात्रा में सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनकी मॉनिटरिंग प्रापर नहीं की जा रही है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी करने की आवश्यकता बताते हुए महापौर ने आयुक्त से 4 बिन्दुओं में जानकारी देने को कहा था।





