सितोपलादि चूर्ण सर्दियों में सूखी खांसी के लिए रामबाण इलाज, तुरंत आराम मिलेगा,जानिए कैसे?
सितोपलादि चूर्ण (Sitopaladi Churna) एक प्रसिद्ध आयुर्वैदिक हर्बल पाउडर (Famous Ayurvedic Herbal Powder) होता है। मौसम में बदलाव (change in weather) होने से सर्दी-खांसी में समस्या (problem with cold and cough) बढ़ने लगती है। जो खासकर सर्दियों (especially winter) के समय सर्दी खांसी (cold cough) , जुकाम, गले की खराश, सांस की तकलीफ (shortness of breath) , पाचन संबंधित समस्याओं (digestive problems) में उपयोगी होता है इसका स्वाद मीठा और थोड़ा कसैला (bitter) होता है।
सितोपलादि चूर्ण के क्या फायदे हैं
• सर्दियों (winter) के समय में सूखी खांसी (dry cough) , गले में सूजन (swelling in throat) , बलगम (Mucus) और बंद नाक को ठीक (cure blocked nose)
• करता है कफ वाली खांसी (whooping cough) में ज्यादा फायदेमंद है ।
• गले की जलन (throat irritation) और दर्द में तेजी से राहत (Fast pain relief) मिलती है।
• खासकर बच्चों (especially children) और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity in the elderly) को बढ़ाता है।
इस सितोपलादि चूर्ण में क्या-क्या चीज पाए जाते हैं
• मिश्री (Sugar Candy)
• वंशलोचन (Bamboo Manna)
• पीपली (Long Pepper)
• इलायची (Cardamom)
• दालचीनी (Cinnamon)
इसका सेवन कैसे करें
• सितोपलादि चूर्ण 1 से 2 ग्राम, दिन में 2 बार — शहद के साथ ।
• सर्दी जुखाम (cold sore) या सूखी खांसी (dry cough) में इसे शहद के साथ सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद (beneficial) होता है।
• खासकर सर्दियों (especially winter) के समय सूखी खांसी (dry cough) और बलगम जैसी समस्याओं में यह ज्यादा असरदार (effective) होता है।
इसका सेवन कौन नहीं कर सकता है
• (शुगर) मधुमेह रोगी (diabetic patient) बिना डॉक्टर की सलाह सेवन न करें (क्योंकि इसमें शहद (Honey) और मिश्री होती है)।
• लंबे समय तक लेने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह (doctor’s advice) जरूर ले





