ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के खार्ग आइलैंड को तबाह किया, मिलिट्री बेस ‘पूरी तरह से नेस्तानाबद’, इज़राइल पर ईरानी मिसाइलों की भारी बारिश
US-ईरान युद्ध के 15वें दिन, प्रेसिडेंट (President) डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (social media) पर सनसनीखेज दावा (sensational claim) किया कि US सेंट्रल कमांड ने ईरान के तथाकथित ‘क्राउन ज्वेल’ खार्ग आइलैंड पर अब तक की सबसे भयानक (Horrible) बमबारी की है। ट्रंप के मुताबिक, US एयर फोर्स ने आइलैंड पर सभी मिलिट्री बेस को ‘पूरी तरह से तबाह’ कर दिया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मानवीय आधार पर तेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट नहीं (Infrastructure is not targeted.) किया गया है। डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कन्फर्म (Defense Secretary Pete Hegseth confirmed) किया कि युद्ध शुरू होने के बाद से U.S. और इज़राइल ने मिलकर 15,000 से ज़्यादा ईरानी ठिकानों (Iranian bases) पर हमला किया है।
U.S. हमले के जवाब में, ईरान ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों (hundreds of ballistic missiles) और ड्रोन से तेल अवीव और इज़राइल के उत्तरी इलाकों पर हमला (attacks on areas) किया है। इज़राइली डिफेंस फोर्सेज़ (Israeli Defense Forces) (IDF) के मुताबिक, मिसाइल हमलों से सेंट्रल इज़राइल (Central Israel hit by missile attacks) के कई हिस्सों में आग लग गई और करीब 60 लोग घायल हो गए। वहीं, ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस (US military bases in Gulf countries) पर हमले तेज़ कर दिए हैं। सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी एम्बेसी के पास धमाकों (Blasts near the embassy) की खबरें हैं। जंग की इस आग ने ग्लोबल ऑयल मार्केट (global oil market) को हिलाकर रख दिया है, जिससे ब्रेंट क्रूड (brent crude) एक बार फिर $100 प्रति बैरल के पार चला गया है।





