US के वाइस प्रेसिडेंट ईरान पर हमले के खिलाफ थे, ट्रंप ने कहा – वैन्स की सोच थोड़ी अलग थी
वाइस प्रेसिडेंट (vice president) जे.डी. वैन्स ईरान पर हमले के खिलाफ थे, लेकिन ट्रंप ने उनकी राय को नज़रअंदाज़ (Ignore opinions) कर दिया। अब US ईरान के साथ एक लंबे और कभी न खत्म होने वाले युद्ध में फंसा (caught in the war) हुआ है जिससे संकट और गहरा (deep) हो गया है।
ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच विनाशकारी युद्ध (devastating war between the United States) के पीछे व्हाइट हाउस (the White House0 के अंदर की एक बड़ी अनसुनी कहानी सामने आई है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने माना है कि उनके वाइस प्रेसिडेंट (vice president) जे.डी. वैन्स शुरू से ही इस मिलिट्री हमले के सख्त खिलाफ थे। वैन्स को डर था कि एक छोटा सा हमला अमेरिका को कभी न खत्म होने वाले दलदल में धकेल देगा। आज, जब पूरी दुनिया तेल संकट (world oil crisis) और युद्ध से जूझ रही है, वैन्स का वह डर सच होता दिख रहा है।
वैंस का पर्सनल विरोध
ईरान पर हमला (attack on iran) करने से पहले ही, वाइस प्रेसिडेंट जे.डी. वैन्स ने प्रेसिडेंट ट्रंप के प्रति प्राइवेट तौर पर अपना कड़ा विरोध दर्ज (registered strong protest) कराया था। उनका मानना था कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान (solution to the problem) नहीं है और इसके नतीजे विनाशकारी (consequences disastrous) और बेकाबू हो सकते हैं। लेकिन ट्रंप ने जंग (Trump fought) का मन बना लिया था और वेंस की इन फिलॉसॉफिकल चेतावनियों (Philosophical warnings) को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया था।
ग्लोबल संकट का शोर
ईरान ने मिडिल-ईस्ट में फैले अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर और हालात को और बिगाड़कर जवाब दिया है। सबसे बड़ी चुनौती होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई है, जहां ईरान ने तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। इस कदम से पूरी दुनिया में कच्चे तेल का बड़ा संकट पैदा हो गया है और अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ा है।





