आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व देशभर में खासकर मध्य प्रदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
MADHYA PRADESH NEWS: बसंत पंचमी (Basant Panchami) को ज्ञान, बुद्धि, संगीत, कला और सृजन की देवी मां सरस्वती (Goddess Saraswati) को समर्पित त्योहार (dedicated festival) माना जाता है। इस शुभ अवसर पर, स्कूल, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (Educational Institution) और घरों में ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विधिवत पूजा (ritual worship) की गई। इस दिन, खासकर स्टूडेंट्स, टीचर, कलाकार और संगीत से जुड़े लोग मां सरस्वती (Mother Saraswati) से ज्ञान और विवेक का आशीर्वाद पाने (to be blessed with wisdom) के लिए पूजा करते हैं। राज्य के कई जिलों में बच्चों ने अपनी माताओं के चरणों में किताबें, कॉपियां और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स रखे और पढ़ाई में सफलता (success in studies) की कामना की।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में मंदिरों (temples in cities) और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन (Educational Institution) में खास धार्मिक कार्यक्रम (religious program) हुए। पीले कपड़ों (yellow clothes) , पीले फूलों और पारंपरिक पकवानों (traditional dishes) के साथ वसंत के आगमन का जश्न मनाया गया। हर जगह कल्चरल प्रोग्राम, भजन-कीर्तन और सरस्वती वंदना सुनाई (Saraswati Vandana recited) दी। बसंत पंचमी (Basant Panchami) को बसंत के स्वागत का त्योहार भी माना जाता है, जो नई एनर्जी, पॉजिटिविटी (positivity) और क्रिएटिविटी का संदेश (message of creativity) देता है। भक्तों का मानना है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से जीवन में ज्ञान (wisdom in life) , सफलता (Success) और संस्कार बढ़ते (values grow) हैं।





